TNP DESK- गुरुवार का दिन बिहार की राजनीति के लिए बहुत अहम दिन होगा. गुरुवार को क्या नीतीश कुमार राज्यसभा के लिए नामांकन करेंगे? क्या बिहार का मुख्यमंत्री बदल जाएगा? क्या भाजपा साइलेंट मोड में ऑपरेशन लोटस चला रही थी? गुरुवार को एनडीए के सभी विधायकों को पटना बुलाया गया है.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी गुरुवार को पटना पहुंच रहे हैं .ऐसे में चर्चा तेज है कि नीतीश कुमार अब बिहार के मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे. वह राज्यसभा में भेजे जाएंगे. अगर ऐसा होता है तो बिहार की राजनीति नई करवट ले सकती है .एक सूचना यह भी है कि गुरुवार को ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार सार्वजनिक रूप से जदयू ज्वाइन करेंगे.
इसके बहुत कुछ मतलब निकाले जा रहे हैं. अगर नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे तो क्या भाजपा के किसी मुख्यमंत्री के लिए जमीन तैयार कर ली गई है? क्या बीजेपी किसी नए नाम को मुख्यमंत्री के लिए प्रस्तावित कर सबको चौंकायेगी. कल का दिन सब कुछ साफ कर देगा कि बिहार की राजनीति अब किस दिशा में जाएगी.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लिया था. 2025 के चुनाव में एनडीए को बिहार में प्रचंड बहुमत मिला और एनडीए 202 सीट पर काबिज हुआ है. मतलब एनडीए के पास पर्याप्त विधायक हैं. लेकिन अगर गुरुवार को नीतीश कुमार राज्यसभा के लिए नामांकन करते हैं ,का मतलब है कि बिहार में राज्यसभा को लेकर अब तक जो गणित की चर्चा थी, वह फेल कर जाएंगे. भाजपा में भी मुख्यमंत्री की रेस में कई लोग शामिल हैं. गुरुवार को जदयू में शामिल होने के बाद नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार क्या मंत्री बनते हैं अथवा संगठन की जिम्मेवारी निभाते हैं, यह देखने वाली बात होगी. लेकिन इतना तो तय है कि गुरुवार का दिन बिहार की राजनीति के लिए बहुत अहम दिन साबित हो सकता है.
रिपोर्ट धनबाद ब्यूरो
