पटना (PATNA): बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर लगातार उठ रहे सवालों और अभ्यर्थियों की चिंताओं के बीच राज्य सरकार अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रही है. परीक्षाओं को निष्पक्ष, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के उद्देश्य से सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी प्रमुख नियुक्ति आयोगों के साथ अहम समीक्षा बैठक की. इस बैठक में परीक्षा प्रक्रिया को और मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई.
माननीय मुख्यमंत्री के निर्देश पर सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेन्दर की अध्यक्षता में 25 मई 2026 को पटना स्थित पुराने सचिवालय में समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में बिहार लोक सेवा आयोग, बिहार तकनीकी सेवा आयोग, बिहार कर्मचारी चयन आयोग समेत विभिन्न चयन आयोगों के अध्यक्ष, सचिव और सदस्य सचिव शामिल हुए.
बैठक के दौरान राज्य में आयोजित होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी, समयबद्ध और त्रुटिरहित बनाने पर विस्तृत चर्चा की गई. साथ ही परीक्षा संचालन में आधुनिक तकनीक के बेहतर उपयोग और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के सुझाव भी आयोगों की ओर से दिए गए.
अपर मुख्य सचिव ने सभी आयोगों को स्पष्ट निर्देश दिए कि परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि परीक्षा संचालन से जुड़े तकनीकी और प्रशासनिक तंत्र को और सशक्त बनाया जाए, ताकि अभ्यर्थियों को निष्पक्ष और व्यवस्थित परीक्षा वातावरण मिल सके.
बैठक में मिले सुझावों के आधार पर आने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं के संचालन में कई संस्थागत और सुधारात्मक कदम उठाने पर सहमति बनी. सरकार का लक्ष्य है कि परीक्षा प्रक्रिया को अधिक विश्वसनीय, सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जाए, जिससे अभ्यर्थियों का भरोसा और मजबूत हो सके.