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Bihar Election: महासप्तमी के दिन बिहार में फूटा "भ्रष्टाचार का बड़ा बम" तो क्या हुआ, अब किसकी बारी, क्यों नीतीश कुमार बैकफुट पर, पढ़िए

BY -
Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 17, 2026, 7:00:35 PM

TNP DESK: आज महासप्तमी के दिन बिहार में चुनावी सरगर्मी सिर  चढ़कर बोली.  जनसुराज  के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने एनडीए नेताओं पर सीधा निशाना साधकर नीतीश कुमार  को कठघड़े  में खड़ा कर दिया.  वहीं अपनी आय का डिटेल्स  सार्वजनिक किया.  बताया कि उन्होंने कितना पैसा पार्टी को दान किया है.  कितना कमाया है, कितना जीएसटी भरा  है और कितना आयकर दिया है.  इसके बाद उन्होंने नीतीश कुमार को कड़ी चुनौती दे दी.  उन्होंने यह कहकर सनसनी फैला दी कि  भाजपा के बड़े नेता और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी को नीतीश कुमार बर्खास्त  करें और उन्हें गिरफ्तार किया जाये.  प्रशांत किशोर ने 1995 में तारापुर में 6 लोगों की सामूहिक हत्या के मामले में अभियुक्त रहे सम्राट चौधरी पर गलत उम्र का दस्तावेज देकर  राहत लेने का आरोप लगाया.  उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी 1995 में अपनी उम्र 14- 15 साल दिखाएं और  नाबालिक होने के सबूत में  बिहार बोर्ड  परीक्षा का प्रवेश पत्र कोर्ट में समर्पित किया. 

उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को बर्खास्त किया जाये ,उनकी गिरफ़्तारी हो 

 फिर 2020 के चुनाव में उन्होंने जो शपथ पत्र दिया है, उसके मुताबिक 51 साल के थे और इस हिसाब से 1995 में उनकी उम्र 26 साल बनती है.  इसलिए उन्हें बर्खास्त कर जेल भेज देना चाहिए.  प्रशांत किशोर ने कहा कि हत्या के आरोपी सम्राट चौधरी संवैधानिक पद पर बैठे हुए है.  यह देश के संविधान का अपमान है.  जिस आदमी  को जेल में होना चाहिए, वह बिहार का उपमुख्यमंत्री बना हुआ है.  प्रशांत किशोर ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कार्रवाई नहीं करेंगे, तो जनसुराज  पार्टी राज्यपाल के पास जाएगी और सम्राट चौधरी की बर्खास्त की और गिरफ्तारी की मांग करेगी.  प्रधानमंत्री को भी चिट्ठी लिखी जाएगी, बावजूद एक्शन नहीं होता है तो जनसुराज  पार्टी इस केस को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटायेगी , इसके साथ ही उन्होंने मंत्री अशोक चौधरी पर भी बड़ा हमला बोले . 

मंत्री अशोक चौधरी को फिर दिया खुली चुनौती 
 
अशोक चौधरी पर बड़ा आरोप लगाया.  प्रशांत किशोर ने कहा कि अशोक चौधरी टेंडर में 5% कमीशन लेते है.  उनका यह भी आरोप है कि अशोक चौधरी ने 500 करोड़ की संपत्ति अर्जित की है. नोट जलाने  के मामले  खुलासा किया.  उन्होंने अशोक चौधरी को चुनौती दी कि  100 करोड़ की मानहानि का जो नोटिस अशोक चौधरी ने भेजा है, अगर 7 दिनों के भीतर वापस नहीं लिया तो 500 करोड़ की संपत्ति का खुलासा करेंगे.  उन्होंने कहा कि अशोक चौधरी के नाम पर जो  संपत्ति की बात पहले कही गई है, उसपर  आज भी कायम है.  अशोक चौधरी के संबंध में कहा कि  अशोक चौधरी या तो इस्तीफा दें या उन्हें राजनीति नहीं करने दी जाएगी.  अशोक चौधरी का घेराव तक किया जा सकता है.  इसके साथ ही उन्होंने कहा कि उन्हें  कहा जा रहा है कि पैसे कहां से आ रहे हैं, तो इसका भी बिना मांगे ही वह हिसाब दे रहे है.

 प्रशांत  किशोर ने अपनी आमदनी को किया सार्वजनिक 

 प्रशांत  किशोर ने कहा कि सलाह देने के काम से पिछले 3 साल में उन्होंने 241 करोड रुपए अर्जित किया.  अपनी कमाई के 98 करोड रुपए उन्होंने खुद के बैंक खाते से जनसुराज  पार्टी को दान में दिया.  इतना ही नहीं, वित्तीय वर्ष 2021-22 से पिछले 3 साल में मेरे खाते में या मुझसे जुड़े लोगों के खाते में 241 करोड रुपए फीस के तौर पर आया.  इस पर हमने 30.95 करोड़ जीएसटी जमा किया है.  20 करोड़ इनकम टैक्स दिया है.  98.75 करोड रुपए जनसुराज  पार्टी को दान दिया है.  बता दे कि भ्रष्टाचार के लिए अभी तक राजद  से जुड़े लोगों अथवा लालू प्रसाद के परिवार को जिम्मेवार माना जाता था.  लेकिन प्रशांत किशोर ने एनडीए के नेताओं पर हमला तेज कर नीतीश कुमार सहित सभी को बैकफुट  पर कर दिया है.

तो क्या बदल रही बिहार की राजनीति ,क्यों उठ रहा सवाल 
 
कहा जा सकता है कि  बिहार की राजनीति बदल रही है.  भ्रष्टाचार के मुद्दे पर अब तेजस्वी यादव भी बोलने लगे है.  प्रशांत किशोर तो पूरी तरह से हमलावर है.   यहां बता दें कि अशोक चौधरी बरबीघा से विधायक रह चुके हैं, लेकिन 2010 के बाद वह चुनाव नहीं जीत सके.  2014 में कांग्रेस ने एमएलसी बनाया, इसके बाद जदयू में शामिल हुए.  2021 में एमएलसी  बनाए गए है.  सम्राट चौधरी 2000 और 2010 में  विधायक बने थे.  बीच में राजद  और जदयू के सफर के बाद अब भाजपा के एमएलसी है.  उनका मौजूदा कार्यकाल जून 2026 तक है.  इसी तरह भाजपा नेता मंगल पांडे अब तक किसी भी चुनाव मैदान में नहीं उतरे, वह भी एमएलसी हैं और वर्तमान में बिहार के स्वास्थ्य मंत्री  भी प्रशांत किशोर के निशाने पर है.

रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो  

Tags:DhanbadBiharPoliticsPartyiyaArop

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