पटना(PATNA):वर्ष 2025 के समापन से पहले बिहार गृह विभाग की एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई, जिसमें राज्य की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और पुलिस सुधारों को लेकर विस्तृत जानकारी दी गई. इस दौरान डीजीपी विनय कुमार ने बताया कि राज्य में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए किए गए प्रयासों का सकारात्मक असर ज़मीन पर दिखाई दे रहा है.
फास्ट ट्रैक कोर्ट और त्वरित न्याय
डीजीपी ने बताया कि अब तक 1700 इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है.वहीं अपराध से अर्जित संपत्ति की जब्ती को लेकर कुल 70 मामलों में नोटिस जारी किए गए है, जिनमें से 3 मामलों में कार्रवाई पूरी हो चुकी है उन्होंने कहा कि 1100 मामलों में आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है, जो न्यायिक प्रक्रिया की मजबूती को दर्शाता है.आने वाले दिनों में राज्य में 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट के क्रियाशील होने की संभावना जताई गई है, जिससे गंभीर मामलों के निपटारे में तेजी आएगी.डीजीपी के अनुसार, पुलिस का लक्ष्य गंभीर मामलों में 24 से 36 घंटे के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित करना है.
अपराध के आंकड़ों में गिरावट
पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष हत्या के मामलों में 7.72% की कमी,डकैती में 24.87% की गिरावट,दंगा मामलों में 17.97% की कमी दर्ज की गई है.राज्य सरकार की नीतियों के कारण सांप्रदायिक तनाव की घटनाओं में भी उल्लेखनीय कमी आई है। वर्ष 2024-25 में सांप्रदायिक घटनाओं से जुड़े 437 मामलों में अभियोजन की स्वीकृति दी गई.
बड़ी कार्रवाई और बरामदगी
जनवरी से नवंबर तक 3,35,116 अभियुक्तों की गिरफ्तारी,4528 हथियार और 28,414 कारतूस बरामद, साम्प्रदायिक हिंसा, पुलिस पर हमला, भीड़ हिंसा, हर्ष फायरिंग जैसे मामलों में 6854 अभियुक्तों की गिरफ्तारी की गई.CCA की धारा 3 के तहत 1949 व्यक्तियों के विरुद्ध आदेश पारित किया गया, जबकि बिहार अपराध नियंत्रण अधिनियम के तहत 25 कुख्यात अपराधियों को निरुद्ध किया गया.
नशा और साइबर अपराध पर सख्ती
नशे पर लगाम लगाने के लिए नारकोटिक्स विभाग और साइबर अपराधों से निपटने के लिए साइबर वर्टिकल का गठन किया गया है। प्रतिदिन औसतन 7 हजार मामलों तक पुलिस की पहुंच सुनिश्चित की जा रही है.
जेल सुधार की दिशा में कदम
कारा विभाग ने बताया कि सभी जेलों में गैस सिलेंडर से रसोई संचालन,जेल रेडियो की शुरुआतअत्याधुनिक मुलाक़ाती कक्ष,कैदियों के लिए कंप्यूटर आधारित परीक्षा व्यवस्था,15 कारागारों में TSCBS सिस्टम, जिससे जेल से अवैध फोन कॉल पर रोक लगेगी.डीजीपी विनय कुमार ने कहा कि बिहार में नक्सलवाद लगभग समाप्त हो चुका है, और पुलिस का लक्ष्य है कि जनता को बेहतर, संवेदनशील और प्रभावी पुलिसिंग मिले.
हिजाब प्रकरण पर सवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री के हिजाब प्रकरण को लेकर भी सवाल किया गया. इस पर डीजीपी ने कोई सीधी टिप्पणी नहीं की और सम्राट चौधरी के पहले दिए गए बयान को दोहराया.कुल मिलाकर, गृह विभाग की इस प्रेस वार्ता में यह स्पष्ट किया गया कि बिहार में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए प्रशासनिक, तकनीकी और न्यायिक स्तर पर निरंतर प्रयास किए जा रहे है जिनका असर अपराध के आंकड़ों में गिरावट के रूप में सामने आ रहा है.
