TNP DESK- मिली जानकारी के अनुसार पटना में नीट छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में सीबीआई ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है. सीबीआई की पटना यूनिट मामले की जांच करेगी. जानकारी यह भी निकल कर आ रही है कि सीबीआई ने केस से जुड़ी कुछ संचिकाओं को दिल्ली ले गई है. बिहार सरकार ने 31 जनवरी को पटना के चित्रगुप्त नगर में छात्रा की हुई संदिग्ध मौत मामले की जांच सीबीआई से करने का अनुरोध किया था. नीट छात्रा 6 जनवरी को कंकड़बाग में एक निजी गर्ल्स हॉस्टल में अपने कमरे में बेहोश मिली थी. 11 जनवरी को उसकी मौत हो गई थी. 9 जनवरी 2026 को थाने में दर्ज इस मामले को पटना पुलिस पहले आत्महत्या मानकर जांच कर रही थी. लेकिन 15 जनवरी को पीएमसीएच की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यौन हिंसा की आशंका जताई गई थी.
छात्रा के शरीर पर जख्म के निशान मिले थे. उसके बाद जांच की दिशा बदल गई. एसआईटी का गठन किया गया. एसआईटी ने पटना से लेकर जहानाबाद तक जांच शुरू की. 24 जनवरी को विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट में छात्र के अंत:र्वस्त्र में पुरुष वीर्य की पुष्टि हुई. इसके बाद पटना पुलिस ने प्रारंभिक जांच में लापरवाही बरतने के आरोप में चित्रगुप्त नगर के थाना प्रभारी रोशनी कुमारी और कदमकुआं के अपर थाना अध्यक्ष हेमंत को निलंबित कर दिया था. इस घटना के खिलाफ पूरा बिहार आज भी उबल रहा है. धरना -प्रदर्शन किये जा रहे हैं. धरना -प्रदर्शन दिल्ली तक में हुए. सरकार पर जांच की दिशा मोड़ने के आरोप लग रहे है. नीतीश कुमार सरकार सबके निशाने पर है.
परिजनों का आरोप है कि डीजीपी तक उन्हें बुलाकर धमका चुके हैं. परिजनों के आरोप के मुताबिक डीजीपी चाहते थे कि वह स्वीकार कर लें कि उनकी बेटी ने आत्महत्या की है. जबकि परिवार वाले इसे स्वीकारने को कतई तैयार नहीं है. यह बात सच है कि सीबीआई जांच शुरू होने के बाद सरकार को जरूर थोड़ी राहत मिलेगी। विपक्ष का आरोप है कि बिहार पुलिस ने लगभग साक्ष्य को नष्ट कर दिया है. इस कांड में किसी बड़े आदमी को बचाने की कोशिश हो रही है. विपक्ष का कहना है कि बिहार और केंद्र में एनडीए की सरकार है लेकिन बिहार में बच्चियों के साथ दरिंदगी के मामले रुक नहीं रहे है.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
