पटना(PATNA): सरकार आने वाले दिनों में राज्य में एक करोड़ युवाओं को रोजगार से जोड़ेगी. इसके लिए सभी जिला मुख्यालय में विशेष रोजगार मेला का आयोजन किया जाएगा. जिसमें स्थानीय युवाओं को सीधे नियुक्ति दी जाएगी. इस रोजगार मेला को लेकर सूबे के युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के मंत्री, संजय सिंह ने पटना स्थित प्रतिबिंब सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक की. जिसमें आने वाले दिनों की कार्य योजना पर चर्चा की गई है. साथ ही एक करोड़ रोजगार के लक्ष्य को प्राप्त करने का आदेश दिया है. साथ ही कौशल विकास, रोजगार सृजन और प्रशिक्षण से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों की प्रगति का समीक्षा किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौशल विकास, रोजगार सृजन और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण जरुरी है.
प्रशिक्षण और रोजगार के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत
बैठक में निदेशालय नियोजन एवं प्रशिक्षण के अंतर्गत संचालित राजकीय आई. टी. आई, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, रोजगार मेले, विशेष नियोजन मेला, करिअर सूचना केंद्र, स्टडी किट और टूल किट वितरण की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई. मंत्री ने इन सभी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए कहा कि प्रशिक्षण और रोजगार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना आवश्यक है, ताकि युवाओं को सीधे रोजगार के अवसर मिल सकें.
कौशल विकास मिशन केंद्र पर नजर
मंत्री ने बिहार कौशल विकास मिशन के तहत चल रहे प्रशिक्षण केंद्रों की स्थिति, प्रशिक्षण की गुणवत्ता, आधारभूत सुविधाओं और प्रशिक्षुओं की उपस्थिति की भी समीक्षा की. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी केंद्रों पर गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए और युवाओं को आधुनिक तकनीक आधारित प्रशिक्षण प्रदान किया जाए. साथ ही यह भी कहा कि कौशल विकास का उद्देश्य केवल प्रमाण पत्र देना नहीं, बल्कि युवाओं को रोजगार योग्य और आत्मनिर्भर बनाना होना चाहिए.
सभी जिला में रोजगार मेला लगाने का निर्देश
एक करोड़ रोजगार देने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए मंत्री ने जिला स्तर पर नियमित रोजगार मेले आयोजित करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि नियुक्ति के बाद भी युवाओं का अनुश्रवण किया जाए, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उन्हें वास्तविक रोजगार प्राप्त हुआ है और वे कार्यस्थल पर टिके हुए हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी.
कुशल युवा कार्यक्रम केंद्रों की होगी निगरानी
मंत्री ने कुशल युवा कार्यक्रम केंद्रों के नियमित निरीक्षण का भी निर्देश दिया और कहा कि जो केंद्र निर्धारित मानकों का पालन नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. साथ ही, सभी कॉलेजों में विभागीय योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर दिया गया, ताकि अधिक से अधिक छात्र इन योजनाओं से जुड़ सकें. औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों की समीक्षा करते हुए मंत्री ने निर्देश दिया कि सभी संस्थानों का संचालन व्यवस्थित ढंग से किया जाए. खाली सीटों को भरने के लिए विशेष अभियान चलाने और छात्रों की उपस्थिति की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया. उन्होंने दो टूक कहा कि कौशल प्रशिक्षण में किसी भी तरह की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और समय-समय पर निरीक्षण कर इसकी निगरानी की जाएगी.
बैठक में यह रहे शामिल
बिहार सरकार के युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के माननीय मंत्री, संजय सिंह (टाइगर) ने आज नियोजन भवन, पटना स्थित प्रतिबिंब सभागार में विभागीय अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की. बैठक में विभाग के सचिव, डॉ कौशल किशोर, निदेशालय नियोजन एवं प्रशिक्षण के निदेशक, सुनील कुमार, युवा, रोजगार एवं कौशल विभाग के अपर सचिव, हेमंत कुमार सिंह, युवा आयोग के सचिव, विकास कुमार और माननीय मंत्री के आप्त सचिव, विमल कुमार सिंह उपस्थित रहे.