TNP DESK- बिहार में 2025 का विधानसभा चुनाव लालू प्रसाद परिवार के लिए अच्छा नहीं रहा. चुनाव के पहले बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को पिता ने पार्टी और परिवार से निष्कासित कर दिया, तो चुनाव परिणाम आने के बाद रोहिणी आचार्य पटना छोड़कर सिंगापुर चली गई. दरअसल, अब तेज प्रताप यादव की परिवार से दूरियां मिटती दिख रही है. कई मौकों पर तेज प्रताप यादव माता-पिता से मिलते दिखे हैं. चूड़ा दही भोज में भी लालू प्रसाद यादव मौजूद थे. यह अलग बात है कि तेज प्रताप यादव के भोज में तेजस्वी यादव और राबड़ी देवी नहीं दिखे थे.
पिछले कुछ दिनों से चर्चा है कि अब कम हो रही दूरियां
हालांकि तभी से चर्चा चल रही थी कि तेज प्रताप यादव की परिवार से दूरियां कम हो रही है. दरअसल, राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के परिवार में उथल-पुथल चल रही थी. तेज प्रताप यादव को पिछले साल बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था. इसके बाद तेज प्रताप ने जनशक्ति जनता दल नाम से नई पार्टी बनाई और अकेले बिहार विधानसभा में चुनाव लड़ा था. उन्हें एक भी सीट नहीं मिली थी. वह तेजस्वी यादव के करीबियों पर जयचंद होने का आरोप लगाते रहे है. विधानसभा चुनाव के बाद लोग बताते हैं कि तेज प्रताप यादव की माता-पिता से नजदीकियां बढ़ने लगी थी.
तेजप्रताप के संक्रांति भोज में पहुंचे थे पिता
संक्रांति के भोज में लालू प्रसाद यादव पहुंचे थे और उन्हें आशीर्वाद दिया था. अब तेजस्वी यादव के बेटे के बर्थडे पार्टी में तेज प्रताप यादव शामिल हुए हैं. इसे माना जा रहा है कि तेजस्वी और तेज प्रताप के बीच चल रही तकरार कम हो गई है. बता दें कि गाजियाबाद में बुधवार को एक साल होने के बाद तेजस्वी यादव के बेटे का जन्मदिन मनाया गया. इसमें बड़े-बड़े लोगों को आमंत्रित किया गया था, लेकिन रोहिणी आचार्य इस कार्यक्रम में नहीं दिखी। विधानसभा चुनाव के पहले तेज प्रताप यादव का एक महिला के साथ फोटो वायरल होने के बाद लालू प्रसाद यादव ने पार्टी और घर से निष्कासित कर दिया था. परिवार में विवाद का असर चुनाव के नतीजों पर भी पड़ा था और फिलहाल राजद बिहार में रकनीतिक रूप से हाशिये पर है.