✕
  • News Update
  • Trending
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • Health Post
  • Foodly Post
  • TNP Special Stories
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Know Your MLA
  • Art & Culture
  • Tour & Travel
  • Local News
  • Special Stories
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • covid -19
  • LS Election 2024
  • TNP Explainer
  • International
  • Blogs
  • Education & Job
  • Special Story
  • Religion
  • Top News
  • Latest News
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • YouTube
☰
  1. Home
  2. /
  3. Bihar

जाति जनगणना को लेकर बोले अश्वनी चौबे - पलटू राम जी का दूसरा अध्याय शुरू, जातियों में कराना चाहते हैं विद्रोह

BY -
Purnima
Purnima
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 12, 2026, 2:46:06 AM

भागलपुर (BHAGALPUR): बिहार में जाति जनगणना पर  हाईकोर्ट के इस आदेश को लेकर राजनीतिक दलों में अलग जंग छिड़ गई है. नीतीश सरकार की हर संभव कोशिश के बावजूद कोर्ट ने इसकी मंजूरी नहीं दी और उनका ड्रीम प्रोजेक्ट फिलहाल अधूरा रह गया. एक तरफ जहां लालू ने बीजेपी पर निशाना साधा वही अब इसे लेकर केंद्रीय राज्य मंत्री अश्वनी चौबे ने बड़ा बयान दिया है. जिसमें उन्होंने नीतीश को पलटूराम कह डाला.

जातियों का होना चाहिए विकास - अश्वनी चौबे

अश्वनी चौबे ने कहा कि हाईकोर्ट के निर्णय को गलत नहीं कह सकते. हम जब साथ थे तो इसका सहयोग किया था लेकिन जातिगत गणना विकास के लिए जातियों के विकास के लिए होना चाहिए. पलटू राम जी का दूसरा अध्याय शुरू हो गया. जातियों को जातियों से भिड़ंत करने का विद्रोह करना चाहते हैं. ये सब इनका नाटक है.

बिहार में जातीय गणना पर पटना हाईकोर्ट ने लगाया रोक

चीफ जस्टिस विनोद चंद्रन की बेंच ने आदेश दिया है कि गणना तत्काल रोक दिया जाए. यह आदेश 4 मई को दियाा गया था.को जिसके बाद से अब राज्य में किसी तरह की कोई गणना नहीं की जाएगी. और अभी तक का जो डाटा है उसे भी पब्लिक डोमिन में लाने से मना कर दिया गया है.

 क्यों जातिगत जनगणना लाना चाहती है सरकार

बिहार सरकार का जातिगत जनगणना कराने की वजह सरकार ने बताते हुए कहा कि साल 1951 से एससी और एसटी जातियों का डेटा पब्लिश होता है, लेकिन ओबीसी और दूसरी जातियों का डेटा नहीं आता है. इससे ओबीसी की सही आबादी का अनुमान लगाना मुश्किल होता है. एससी और एसटी को जो आरक्षण मिलता है, उसका आधार उनकी आबादी है, लेकिन ओबीसी के आरक्षण का कोई आधार नहीं है. वही  सरकार इस जनगणना की मदद से चाहती हैं कि इसका भी सही आंकड़ा  निकाल जा सके और आरक्षण का आधार तय हो पाए.

 

Tags:Ashwani ChoubeyNitishPaltu Ram ji beginsBIHARPOLITICSBIHARUPDATEBIHARBIHARNEWSTHENEWSPOST

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.