✕
  • News Update
  • Trending
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • Health Post
  • Foodly Post
  • TNP Special Stories
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Know Your MLA
  • Art & Culture
  • Tour & Travel
  • Local News
  • Special Stories
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • covid -19
  • LS Election 2024
  • TNP Explainer
  • International
  • Blogs
  • Education & Job
  • Special Story
  • Religion
  • Top News
  • Latest News
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • YouTube
☰
  1. Home
  2. /
  3. Big Stories

क्या नीति आयोग की बैठक में सीएम हेमंत दिखाएंगे आईना! विपक्ष से अलग राह या 1.36 लाख करोड़ रुपये की रॉयल्टी की लड़ाई, देखिये यह रिपोर्ट

BY -
Devendra Kumar CW
Devendra Kumar CW
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 16, 2026, 10:04:13 AM

रांची(RANCHI)- संसद भवन उद्घाटन के बाद अब नीति आयोग की बैठक को लेकर भी घमासान छिड़ चुका है. किसी ना किसी बहाने से अब तक बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, तमिलनाडू सीएम स्टालिन, तेलांगना सीएम चन्द्रशेखर, बंगाल सीएम ममता बनर्जी, दिल्ली सीएम अरबिंद केजरीवाल, पंजाब सीएम भगवंत मान के साथ ही करीबन 19 राज्यों के मुख्यमंत्रियों के द्वारा इससे दूरी बनाने की घोषणा कर दी गयी है. 

प्रारम्भिक दौर में विपक्षी दलों की एकता 

लेकिन क्या सीएम हेमंत सोरेन के शामिल होने से विपक्ष की इस एकता में दरार का संकेत है, क्या माना जाय कि विपक्ष से अलग सीएम अलग राह बनाते दिख रहे हैं. क्या अभी भी विपक्ष में बिन्दूओं पर आपसी सहमति बनना बाकी है, या उस फोरम का अभाव है जहां इस तरह के  नीतिगत मामलों पर निर्णय लिया जा सके.

1.36 लाख करोड़ का रॉयल्टी बकाये का भुगतान पर लगी है सीएम हेमंत की नजर

हालांकि इसे विपक्ष के अन्दर विखराब के बतौर नहीं देखा जा सकता है, क्योंकि हर राज्य की अपनी चिंताएं है, सीएम हेमंत की मुख्य चिंता खनन रॉयल्टी का बकाया 1.36 लाख करोड़ का भुगतान की है, जिसकी मांग वह काफी दिनों से करते आ रहे हैं. साथ ही वह वन संरक्षण नियम में संशोधन की मांग भी कर रहे हैं. सीएम हेमंत का दावा रहा है कि खनन क्षेत्र में कार्यरत सार्वजनिक उपक्रमों के द्वारा उस इलाके के लोगों के सामाजिक कल्याण के लिए कोई कार्य नहीं किया जाता, जिसकी वजह से यहां के आदिवासी-मूलवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. उनका दावा है कि यदि केन्द्र सरकार उनके बकाये रॉयल्टी का भुगतान करती है तो झारखंड के आदिवासी-मूलवासियों के जीवन स्तर में सुधार में मदद मिलेगी. 

बकाये का भुगतान के लिए कई बार कर चुके हैं पत्राचार

लेकिन तमाम चर्चाओं और पत्राचार के बावजूद इस दिशा में कोई पहल नहीं की गयी. राज्य सरकार की ओर से इस संबंध में केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पीएम नरेन्द्र मोदी को भी पत्राचार किया गया था, लेकिन इसका कोई परिणाम सामने नहीं आया. उनकी दूसरी मांग वन संरक्षण नियम में संशोधन की है. उनका दावा कि नई वन संरक्षण नीति के तहत निजी डेवलपरर्स को वनों को काटने की अनुमति प्रदान कर दी गयी है. यह नीति सीधे सीधे यहां के आदिवासी मूलवासियों के एक प्रहार है. उन्होंने कहा है कि  झारखंड में प्रकृति के साथ विभिन्न आदिवासी समुदाय जीवन जीते हैं. ये प्रकृति पूजक हैं और पेड़ों की पूजा एवं रक्षा करते हैं. यह नई वन नीति इनके अधिकारों के साथ कुठाराघात है.

 

Tags:CM Hemantroyalty of Rs 1.36 lakh croreNITI Aayog meetingJharkhand

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.