☰
✕
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • TNP Special Stories
  • Health Post
  • Foodly Post
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Art & Culture
  • Know Your MLA
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • Local News
  • Tour & Travel
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • Special Stories
  • LS Election 2024
  • covid -19
  • TNP Explainer
  • Blogs
  • Trending
  • Education & Job
  • News Update
  • Special Story
  • Religion
  • YouTube
  1. Home
  2. /
  3. Big Stories

कुर्सी है तुम्हारा ये जनाज़ा तो नहीं? कुछ कर नहीं सकते तो उतर क्यों नहीं जाते? मणिपुर त्रासदी पर झलका कुमार विश्वास का दर्द

कुर्सी है तुम्हारा ये जनाज़ा तो नहीं? कुछ कर नहीं सकते तो उतर क्यों नहीं जाते? मणिपुर त्रासदी पर झलका कुमार विश्वास का दर्द

टीएनपी डेस्क (TNP DESK)- “कुर्सी है तुम्हारा ये जनाज़ा तो नहीं? कुछ कर नहीं सकते, तो उतर क्यों नहीं जाते?” मणिपुर की हृदयविदारक घटना पर कुमार विश्वास की यह पंक्तियां काफी  दिल को  झकझोरने वाली है. अपने ट्वीटर एकाउंट पर अपनी पीड़ा का इजहार करते हुए वह आगे लिखते हैं कि “मणिपुर देश के मनहर पूर्वोत्तर का प्यारा प्रदेश है. अगर वहाँ भारत की किसी बेटी को सरेआम निर्वसन सड़क पर घुमाया जा रहा है तो यह हमारे समाज, समय और सरकारों, सब की सामूहिक चिंता का विषय होना ही चाहिए. प्रदेश के मुख्यमंत्री व देश के गृहमंत्री जी से अपेक्षा कि वे इन पिशाचों को ऐसा सबक़ सिखाएँ जो उदाहरण बने. फ़्रांस की हालातों पर तपसरा करने वाले पक्षकारों से यूँ तो आशा कम है पर फिर भी अनुरोध है कि अपनी ज़िम्मेदारी निभाएँ. याद रहे भरी सभा में बेटियों के चीरहरण को चुपचाप देखने वाले चाहे राजनीति के भीष्म हों या ज्ञान के द्रोणाचार्य अंततः पतन और अपयश के भागी ही बनते हैं. मन रो रहा है, आत्मा घायल है. जातीय वैमनस्य की आग में जलते-जलते ये हम कहाँ से कहां आ पहुँचे.

एक समाज के रुप में क्या हम सचमुच मर गयें

वह आगे लिखते हैं कि  एक समाज के रूप में क्या हम सचमुच मर गए हैं? एक पांचाली के चीरहरण से राजवंश नष्ट हो गए और यहाँ पार्टियों के पक्षकार अभी भी अपनी-अपनी दुकानों और मालिकों को जस्टिफ़ाई कर रहे हैं ? पार्टी-प्रवक्ता और अपरोक्ष प्रवक्ता बात घुमा रहे हैं कि “तब क्यूँ नहीं बोले? उस पर क्यूँ चुप हो? दूसरा पक्ष भी तो देखो “ हद्द है औरत होकर औरतों के प्रति अपराध से आँखें मोड़कर बहाने ढूँढ रही हो? इतनी गिर गई तुम्हारी दृष्टि? थोड़ी तो शर्म बचा कर रखो.

तीन महीनों से जल रहा है मणिपुर

याद रहे कि करीबन तीन महीनों से सामुदायिक हिंसा में जलते मणिपुर से कुका आदिवासी बेटियों का सामूहिक बलात्कार और उनका नग्न परेड करवाने का वीडिया आते ही पूरे देश में हाहाकार की स्थिति है, जबकि प्रधानमंत्री पीएम मोदी इस मामले को राजस्थान और दूसरे प्रदेशों की छुटपुट हिंसा से जोड़कर इसकी गंभीरता को कम करने की कवायद करते दिख रहे हैं.

राहुल गांधी की यात्रा पर सवाल खड़े किये गये थें

जब राहुल गांधी ने मणिपुर की यात्रा कर वहां का हालात को जानने समझने की कोशिश की थी तब भी भाजपा के द्वारा उनकी यात्रा पर सवाल खड़े किये गये थें, इसे सस्ती लोकप्रियता बतायी गयी थी, लेकिन अब जब वहां से इस प्रकार से वीडियो निकल आ रहे है, तब राहुल गांधी की वह बात सत्य साबित होती नजर आ रही कि मणिपुर में हिंसा का तांडव रचा जा रहा है, और हिंसा नफरत की चपेट में जलते मणिपुर को आज नफरत के बदले मोहब्बत की दुकान की जरुरत है.

सीएम एन वीरेन से राज्यपाल अनुसुईया तक इस त्रासदी की सच्चाई को स्वीकार कर चुके हैं

स्थिति की भयावहता का अंदाज इससे लगाया जा सकता है कि आदिवासी बेटियों के नग्न परेड पर जब वहां के सीएम वीरेन सिंह के सवाल पूछा गया तो उनका जवाब था कि इस राज्य में तो इससे भी भयावह स्थिति है, ऐसे हजारों वीडियो मौजूद हैं, सैकड़ों प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है, दूसरी ओर वहां के राज्यपाल अनुसुईया उइके कहती हैं कि हमने हर घटना की जानकारी केन्द्र को पहली दी थी, सब कुछ गृह मंत्रालय और प्रधानमंत्री की जानकारी में है, खुद सीएम वीरेन सिंह भी चार मई के बाद कई बार गृह मंत्री अमित शाह और पीएम नरेन्द्र मोदी से मुलाकात कर वहां के बिगड़ते हालत का पल-पल की जानकारी उपलब्ध करवा चुके हैं, इसके साथ ही गृह मंत्रालय के पास इस सबसे अलग भी सूचना के सैकड़ों श्रोत है, बावजूद इसके तीन महीने से पूर्वोतर का यह राज्य हिंसा में जलता रहा, और पूर्वोत्तर के इतिहास की इस सबसे बड़ी मानवीय त्रासदी पर प्रधानमंत्री से लेकर गृह मंत्रालय की चुप्पी बरकरार रही, जब इस मामले का देश की सर्वोच्च अदालत ने स्वत: संज्ञान लिया और केन्द्र सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि आप कुछ करने की स्थिति में नहीं है, तो आखिरकार हमें ही कुछ करना होगा, लेकिन भारत की न्यायपालिक अपनी आंख मुंद कर यह तमाशा देखती नहीं रह सकती, सर्वोच्च अदालत के इस फटकार के बाद पीएम मोदी पूरे तीन महीने के बाद इस मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ते हैं, लेकिन एक बार फिर से आंसूओं के बीच अपनी राजनीति कर जाते हैं, इस त्रासदी की तुलना राजस्थान और बिहार सहित दूसरे कई राज्यों की छिटपुट घटनाओं से कर इस भयावहता को कमतर दिखलाने की राजनीतिक चालबाजी कर जाते हैं.

महज कानून व्यवस्था का मामला प्रतीत नहीं होता

साफ है कि मणिपुर में जो कुछ हो रहा है, वह महज कानून व्यवस्था की समस्या नहीं है, क्योंकि जिस तरीके से मैतेई बहुल इलाकों के थानों से बड़े पैमाने पर हथियारों की लूट हुई, और इन हथियार को मैतेई समुदाय के हाथों तक पहुंचाया गया, दावा है कि इसके पीछे सत्ता का शह था, और यह सब कुछ एक सुनियोजित योजना का नतीजा था, जिसकी व्यूह रचना दिल्ली में रची गयी थी. इसी पीड़ा की अभिव्यक्ति कुमार विश्वास “कुर्सी है तुम्हारा ये जनाज़ा तो नहीं? कुछ कर नहीं सकते तो उतर क्यों नहीं जाते?” में करते हैं, अब देखना होगा कि मणिपुर की यह आग कब रुकती है, या सत्ता को अभी और भी कई प्रयोग कर वोट की फसल तैयार करनी है.

Published at:22 Jul 2023 12:11 PM (IST)
Tags:Kumar Vishwas takes a jibe at the Manipur tragedyManipur tragedyManipur violenceburning manipurkumar vishwasmanipur videomanipur viral videobjprahul gandhi
  • YouTube

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.