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जारी है शह मात का खेल, झारखंड के इतिहास में पहली बार किसी सरकार ने राजभवन को वापस लौटाया विधेयक

जारी है शह मात का खेल, झारखंड के इतिहास में पहली बार किसी सरकार ने राजभवन को वापस लौटाया विधेयक

रांची(RANCHI) सरकार और राजभवन के बीच जारी शह और मात का खेल खत्म होता नजर नहीं आ रहा, अब तक राजभवन विधेयकों में त्रुटियों का हवाला देकर सरकार को वापस भेजती रही थी, लेकिन इस बार हेमंत सरकार ने उन्ही विधेयकों को राजभवन को वापस भेज कर इतिहास रच दिया है. यहां बता दें कि सरकार ने खतियान आधारित स्थानीय नीति, मॉब लीचिंग और पिछड़ों का आरक्षण विस्तार से संबंधित बिलों को विधान सभा से पारित कर राजभवन भेजा था, ये तीनों ही मुद्दे झामुमो का मुख्य चुनावी मुद्दा रहा है, इनका संबंध राज्य के आदिवासी मूलवासियों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों समुदाय के हितों से जुड़ा है. लेकिन राजभवन के द्वारा इन सभी विधेयकों पर आपत्तियां दर्ज करते हुए सरकार को वापस लौटा दिया गया था, राजभवन के द्वारा वापस भेजे गये इन्ही विधेयकों को अब हेमंत सरकार के द्वारा राजभवन वापस भेज दिया गया है.

सरकार ने क्या बताया कारण

राजभवन को वापस भेजने कारण स्पष्ट करते हुए सरकार ने लिखा है कि चूंकि ये विधेयक विधान सभा के द्वारा पारित कर राजभवन को भेजा गया था, इसलिए राजभवन को इन विधेयकों को विधान सभा को ही वापस भेजना चाहिए, इसके साथ ही विधेयक में जो भी त्रुटि है या संशोधन की जरुरत है, उसका मेमोरेंडम भी विधान सभा को ही वापस भेजा जाना चाहिए.

इन विधेयकों को एक बार फिर से विधान सभा के पटल पर रखेगी सरकार  

इस बीच सरकार ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि वह इन सभी विधेयकों को एक बार फिर से विधान सभा के पटल पर रखेगी. साफ है कि इन विधेयकों पर सरकार और राजभवन के बीच शाह मात का खेल जारी है, लेकिन हेमंत सोरेने की सरकार ने एक बार फिर से इन विधेयकों को विधान सभा  से पटल पर रखे जाने की घोषणा कर यह साफ कर दिया है कि वह इस मुद्दे पर पीछे हटने वाली नहीं है, भले ही इसके कारण उसे राजभवन से टकराव की स्थिति का सामना करना पड़े.

अब दांव पर लग चुकी है भाजपा की छवि

यहां बता दें कि भाजपा की  कोशिश इन विधेयकों को किसी प्रकार से भी लटकाने की है, वह  खतियान आधारित स्थानीय नीति लाने का श्रेय हेमंत सरकार को लेने देना नहीं चाहती, लेकिन इसका दूसरा पक्ष यह है कि इस टकराहट में आम लोगों के बीच भाजपा की छवि आदिवासी मूलवासियों विरोधी पार्टी की  बनती जा रही है, जिसका नुकसान उसे आगामी चुनावों में उठाना पड़ सकता है.

Published at:28 Jul 2023 12:33 PM (IST)
Tags:harkhand a governmentreturned the bill to the Raj Bhavanhemant sorenjharkahndbjpKhatian based local policymob leachingreservation expansion of backward
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