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काली कमाई से स्काटलैंड में बेटे की पढ़ाई! वीरेन्द्र राम के काले साम्राज्य को देख फटी रह गयी अधिकारियों की आंखें

BY -
Devendra Kumar CW
Devendra Kumar CW
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 16, 2026, 1:16:34 AM

रांची(RANCHI)- ग्रामीण कार्य विभाग के निलंबित मुख्य अभियंता वीरेंद्र राम की काली कमाई की परतें दिन पर दिन एक एक कर खुल रही है. वीरेन्द्र राम और उसके सहयोगियों के बयानों और उसकी अकूत संपत्ति को देख खुद ईडी के अधिकारियों में भी हैरत हैं. ताजा मामले में ईडी को यह जानकारी हाथ लगी है कि वीरेन्द्र राम ने अपने बेटे आर्यन अंकुश को स्काटलैंड में पढ़ाई करने के लिए करीबन 1.25 करोड़ की भारी भरकम राशि खर्च किया था. 

जब्ती रिपोर्ट में ईडी का दावा

वीरेन्द्र राम और उसके चचेरे भाई आलोक रंजन के विरुद्ध जब्ती रिपोर्ट समर्पित करते हुए ईडी ने दावा किया है कि जमशेदपुर निवासी और मेसर्स लार्ड्स इंफ्राकान प्राइवेट लिमिटेड के संचालक महेन्द्र गोप के द्वारा वीरेन्द्र राम के बेटे आर्यन अंकुश के खाते में 20 लाख रुपये भेजे गये थें.

ग्रामीण कार्य विभाग में संवेदक है महेन्द्र गोप

यहां बता दें कि महेन्द्र गोप ग्रामीण कार्य विभाग में ठेकेदारी का काम करता है. विभाग के द्वारा टेंडर दिलवाने के बदले में महेन्द्र गोप से वीरेन्द्र राम के भारी भरकम कमीशन मिलता था. दावा किया जाता है कि महेन्द्र गोप के द्वारा इसी कमीशन की राशि को उसके बेटे की पढ़ाई के लिए भेजा जाता था.
वीरेन्द्र राम का दावा महेन्द्र गोप से लिया 2.40 करोड़ की उधारी हालांकि वीरेन्द्र राम का दावा है कि उसके द्वारा महेन्द्र गोप से 2.40 करोड़ रुपये का ऋण लिया गया था. इसी ऋण राशि से उसके बेटे के खाते में भुगतान किया गया था, साथ ही इसका एक बड़ा हिस्सा का इस्तेमाल छतरपुर में संपत्ति खरीदने में की गयी थी.

62 करोड़ के टेंडर मैनेजमेंट में 1.88 करोड़ का भुगतान 

दावा किया जा रहा है कि वीरेन्द्र राम के द्वारा मेसर्स राजेश कुमार कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स परमानंद सिंह बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक राजेश कुमार उर्फ बबलू को 62 करोड़ रुपये के 22 टेंडर मैनेज किया गया था. जिसके बदले में वीरेन्द्र राम को 1.88 करोड़ रुपये का भुगतान हुआ था.

इनोवा और एक फार्च्यूनर गाड़ी भी मिली भेंट

लेकिन वीरेन्द्र राम की काली कमाई की कहानी यहीं खत्म नहीं होती, अभी इसकी फेहरिस्त काफी लम्बी है. दावा किया जा रहा है कि राजेश कुमार ने वीरेंद्र राम को एक इनोवा और एक फार्च्यूनर गाड़ी भी भेंट किया था. और यह सब कुछ उसी टेंडर मैनेजमेंट के बदले में दिया गया था, ईडी का दावा है कि वीरेन्द्र राम को द्वारा टेंडर मैनेजमेंट के इस खेल 14 से 20 फीसदी का कमीशन मिलता था. राजेश कुमार का एक सहयोगी अनूप कुमार राय ने ईडी के अधिकारियों को बताया है कि मेसर्स रायल इंजीनियरिंग वर्क्स का 1.78 करोड़ रुपये का टेंडर मैनेज करने के बदले में वीरेंद्र राम को 14 लाख रुपये का भुगतान किया गया था. हालांकि  वीरेन्द्र राम के द्वारा कमीशन की इस राशि को खुद नहीं लिया जाता था, वीरेन्द्र राम के बदले  में इस राशि की वसूली उसके एजेंट तिकुल रहमान के द्वारा की जाती थी. खबर यह भी है कि ईडी की पूछताछ में वीरेन्द्र राम ने भी यह स्वीकार कर लिया है कि तिकुल रहमान के द्वारा उसे अब तक करीबन 47 लाख 45 रुपये का कमीशन दिया गया है. 

Tags:Virendra Ram'ग्रामीण कार्य विभागनिलंबित मुख्य अभियंता वीरेंद्र रामJharkhandEd raid

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