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झारखंड में गरीब होनहारों की नौकरी बेच रहा है सत्ता का दलाल, ईडी ने जारी किया सनसनीखेज व्हाट्सएप चैट

BY -
Sanjeev Thakur CW
Sanjeev Thakur CW
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 16, 2026, 5:52:54 PM

रांची (TNP Desk) : झारखंड का विवादों से पुराना नाता रहा है. जब से ये राज्य अलग हुआ है तब से एक के बाद एक नए मामले सामने आये हैं. झारखंड को खनिज संपदा से भरा हुआ राज्य कहा जाता है. जिसके कारण सभी की नजरें इसी राज्य में टिकी हुई रहती है. बड़ी बात ये है कि यहां हर क्षेत्र में लूट मची हुई है. चाहे पत्थर, कोयला हो या बालू और जमीन. हर क्षेत्र में लुटेरे इस राज्य को बर्बाद करने में जुट गया है. यहां तक की नौकरियों में भी लूट मची हुई है. झारखंड के गरीब होनहार युवा एक सरकारी नौकरी पाने के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं. सवाल उठ रहा है कि आखिर इन माफियाओं पर सरकार कार्रवाई क्यों नहीं करती है? क्या सरकार में बैठे लोग भी इस गुनाह में शामिल है? या इन माफियाओं की पहुंच वहां तक है जहां पुलिस प्रशासन कार्रवाई करने से डरती है? सवाल यहां ये भी उठ रहा है कि पुलिस प्रशासन भी इन माफियाओं के साथ मिली हुई है. जहां सरकार तक सही जानकारी नहीं पहुंचती है?

जमीन घोटाले की जांच से पेपर लीक तक पहुंची ईडी

झारखंड में ईडी की दबिश लगातार बढ़ती जा रही है. ईडी अभी जमीन घोटाले मामले की जांच कर ही रही थी अब जेएसएससी सीजीएल परीक्षा पेपर लीक की जांच करना शुरू कर दिया है. पिछले महीने जनवरी में हुए जेएसएससी सीजीएल परीक्षा पेपर लीक की जांच भाजपा भी सीबीआई से कराने की मांग सरकार से कर रही थी. अब जब ईडी ने पेपर लीक की जांच करना शुरू किया तो इसकी आंच पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जुड़ गया. इससे पहले ईडी ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर पेपर लीक केस के संबंध में जानकारी मांगी थी. राज्य के साढ़े छह लाख छात्रों ने परीक्षा में शामिल होने के लिए आवेदन दिया था था. 28 जनवरी को परीक्षा के दौरान ही समान्य ज्ञान का पेपर सोशल मीडिया पर लीक हो गया था, जिसके बाद परीक्षा को रद्द करना पड़ा.

ईडी के पास 539 पेज के वॉट्सएप चैट के सबूत

इस बीच प्रवर्तन निदेशालय ने पीएमएलए कोर्ट में हेमंत सोरेन और आर्किटेक्ट विनोद सिंह के बीच 539 पेज के वॉट्सएप चैट होने का दावा किया है. इसके कुछ पेज कोर्ट में भी पेश किए. यह चैट ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर लेन-देन से संबंधित है. कई गोपनीय सूचनाएं भी हैं. ईडी ने अपने रिमांड पिटीशन में कहा है कि जिस मोबाइल से विनोद सिंह और हेमंत के बीच चैटिंग हुई है, वह मोबाइल पेश करने के लिए कहा था, लेकिन पूर्व सीएम ने वह मोबाइल ईडी को नही दिया.

हेमंत के करीबी विनोद सिंह के पास मिले एडमिट कार्ड

केंद्रीय जांच एजेंसी ने कोर्ट में कहा है कि हेमंत के करीबी विनोद सिंह के पास जेएसएससी परीक्षा में शामिल होने वाले कई अभ्यर्थियो के एडमिट कार्ड भी मिले हैं. ईडी जेएसएससी पेपर लीक में एडमिट कार्ड के विनोद सिंह के पास से मिलने को काफी गंभीर मान रही है. जांच एजेंसी ने कहा कि विनोद ने डीसी की पोस्टिंग के लिए भी पैरवी की थी. 

अधर में झारखंड के युवाओं का भविष्य

जेएसएससी सीजीएल परीक्षा पेपर लीक होने के बाद राज्य के युवाओं का भविष्य अधर में लटक गया है. क्योंकि अब इस मामले की जांच ईडी कर रही है. जब तक जांच पूरी नहीं होती है तब तक इस पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जा सकता है. ऐसे में युवाओं को सिर्फ इंतजार ही करना पड़ेगा. लेकिन उन्हें अभी से अपनी भविष्य की चिंता सता रही है. बता दें कि झारखंड में जब भी किसी विभाग का वैकेंसी निकलता है और जब इसकी परीक्षा होती है परिणाम आने से पहले ही कांड हो जाता है और बाद में मामला कोर्ट तक पहुंच जाता है. राज्य में हर वर्ष लाखों अभ्यर्थी नौकरी पाने के लिए फॉर्म भरते हैं लेकिन उसका रिजल्ट आने से पहले ही अदालत में चला जाता है. कुल मिलाकर कहा जाए कि पारदर्शिता नहीं होने की वजह से युवाओं को नौकरी नहीं मिलती है. हर जगह भ्रष्टाचार का ही बोलबाला है.

खुलासे के बाद बाबूलाल ने भी हेमंत को घेरा

इस मामले पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने भी हेमंत सोरेन को घेरा है. उन्होंने कहा कि मैं शुरू से कह रहा था इतना बड़ा पेपर लीक का घोटाला ऊपर की संलिप्तता के बगैर नहीं हो सकता है. यह बातें मैंने अपने अनुमान के आधार पर कहा था, लेकिन आज ईडी ने हेमंत सोरेन की रिमांड अवधि बढ़ाने के लिए 12 पन्नों की जो जानकारी कोर्ट में दी है, उसमें लिखा गया है कि हेमंत के करीबी आर्किटेक्ट विनोद सिंह के मोबाइल और घर से छात्रों की बड़ी संख्या में एडमिट कार्ड बरामद हुए हैं, जिन्हें पैसे लेकर बहाल किया जाना था. बाबूलाल मरांडी ने आगे कहा, ‘विनोद सिंह कौन है, ये सभी जानते हैं. देश-विदेश की सपरिवार यात्रा में ये हेमंत सोरेन के साथ साये की तरह चलता है. अब पता चला है कि हेमंत सोरेन ने दलाल विनोद के साथ मिलकर ज़मीन तो लूटा ही साथ ही मारभात खाकर नौकरी की तैयारी करने वाले गरीब बेरोज़गार इन छात्रों को भी लूट लिया है. इससे बेशर्मी क्या हो सकती है कि कोयला, लोहा, पत्थर, बालू, जमीन बेचने वाले हेमंत ने गरीबों की नौकरी बेचने का भी काम कर दिया.

 

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