☰
✕
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • TNP Special Stories
  • Health Post
  • Foodly Post
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Art & Culture
  • Know Your MLA
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • Local News
  • Tour & Travel
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • Special Stories
  • LS Election 2024
  • covid -19
  • TNP Explainer
  • Blogs
  • Trending
  • Education & Job
  • News Update
  • Special Story
  • Religion
  • YouTube
  1. Home
  2. /
  3. Big Stories

अब गरीब के बेटे पर सियासत! निशिकांत के दावे पर विपक्ष का तंज, दस लाख का सूटधारी गरीब तो हर भारतीय को गरीब होना चाहिए

अब गरीब के बेटे पर सियासत! निशिकांत के दावे पर विपक्ष का तंज, दस लाख का सूटधारी गरीब तो हर भारतीय को गरीब होना चाहिए

टीएनपी डेस्क (TNP DESK)- अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के द्वारा प्रधानमंत्री को गरीब का बेटा बताये जाने पर अब सियासत की शुरुआत हो चुकी है. इस बयान को आड़ों हाथों लेते हुए विपक्ष ने कहा है कि यदि दस-दस लाख का सूट पहनने वाला भी गरीब का बेटा है, तो हर भारतीय को गरीब होना चाहिए, लेकिन पिछले तीन महीनों से पूर्वोत्तर का एक राज्य नस्लीय हिंसा में धूं-धूं कर जलता रहा, लेकिन इस गरीब के बेटे की चुप्पी नहीं टूटी, उसके द्वारा मणिपुर का दौरा क्यों नहीं किया गया, जिन आदिवासी बेटियों को नग्न कर परेड करवाया गया, उनका सार्वजनिक बलात्कार किया गया, उस पीड़ित परिवार से मुलाकात नहीं की गयी, इस गरीब का बेटा ने सीएम बीरेन सिंह से इस्तीफे की मांग क्यों नहीं की, जिसके राज्य में आदिवासी बहनों के साथ कुकर्म हुआ, मणिपुर जलता रहा, बस्तियां जलाई जाती रही, 50 हजार लोगों को राहत कैंपों में रहने को  मजबूर होना पड़ा, लेकिन इस गरीब के बेटे ने चुप्पी क्यों नहीं तोड़ी, चार मई को आदिवासी बेटियों को निर्वस्त्र किया जाता है, लेकिन 15 दिनों तक उसकी प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई, जब तक उसका वीडिया वायरल नहीं हुआ, किसी भी अभियुक्त की गिरफ्तारी नहीं हुई, सैंकड़ों लोगों की हत्या हुई, लेकिन यह गरीब का बेटा चुप रहा है, यह खतरनाक है, यह सिर्फ मणिपुर का सवाल नहीं है, सवाल उससे बड़ा है, सवाल भारत की अस्मिता का है, आज खतरे में भारत का वजूद है, हमारा संविधान धवस्त होने के कगार पर है, बावजूद इसके वह गरीब का बेटा अपनी चुप्पी को तोड़ने को तैयार नहीं है.

सिर्फ संख्या बल का सवाल नहीं है

विपक्ष की ओर से बहस की शुरुआत गौगेई ने इस बात का दावा किया कि यह सिर्फ संख्या बल का नहीं है, सवाल यह नहीं कि किसके पक्ष में कितनी संख्या है, सवाल यह है कि भारत के पक्ष में कौन खड़ा है, सवाल यह है कि मणिपुर में शांति कब लौटेगी, अब हम मणिपुर के नागरिकों को अमन शांति का पैगाम दे पायेंगे, जिन आदिवासी बेटियों का नग्न परेड करवाया गया, उसके आरोपियों को कब हम सजा दिलवा पायेंगे. लेकिन यह गरीब का बेटा इन सवालों से भाग रहा है, वह इधर उधर तो खूब बात कर रहा है, लेकिन सवाल संसद में बोलने का है, सवाल कानून को लागू करने का है, सवाल हिन्दूस्तान की आत्मा को बचाने का है.  

ध्यान रहे कि अविश्वास प्रस्ताव पर अपनी बात रखते हुए निशिकांत दुबे यह दावा किया था कि यह अविश्वास प्रस्ताव एक गरीब के बेटे के विरुद्ध लाया गया है, क्योंकि वह ओबीसी समुदाय से है, विपक्ष को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए.

Published at:08 Aug 2023 03:44 PM (IST)
Tags:politics on the poor's sonNishikant's claimbjpNishikant dubeyjharkhandparliyamentBJP MP Nishikant Dubeyson of the poordebate on the motion of confidence
  • YouTube

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.