✕
  • News Update
  • Trending
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • Health Post
  • Foodly Post
  • TNP Special Stories
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Know Your MLA
  • Art & Culture
  • Tour & Travel
  • Local News
  • Special Stories
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • covid -19
  • LS Election 2024
  • TNP Explainer
  • International
  • Blogs
  • Education & Job
  • Special Story
  • Religion
  • Top News
  • Latest News
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • YouTube
☰
  1. Home
  2. /
  3. Big Stories

18 जुलाई की बैठक से पहले एनडीए में घमासान : पशुपति नाथ पारस के दावे से राजनीतिक सरगर्मी तेज

BY -
Devendra Kumar CW
Devendra Kumar CW
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 15, 2026, 7:38:14 PM

पटना(PATNA)-18 जुलाई को एनडीए की बैठक के पहले लोजपा को लेकर भाजपा फंसती नजर आ रही है, चिराग पासवान को बैठक में शामिल होने का आमंत्रण भेजे जाने की खबर मिलते ही केन्द्रीय मंत्री और पशुपति कुमार पारस ने एलान कर दिया है कि वह किसी भी कीमत पर पांच सीट से कम पर समझौता नहीं करने जा रही है. साथ ही हाजीपुर सीट पर अपनी दावेदारी पेश कर दिया है.

पांच सीटों पर दावा ठोक पशुपति नाथ पारस ने बढ़ाया संकट

यहां बता दें कि हाजीपुर संसदीय सीट रामविलास पासवान का परंपरागत सीट रहा हैं और चिराग पासवान किसी भी कीमत पर इस सीट को अपने खाते में रखना चाहते हैं, उनकी ओर से इसकी सार्वजनिक घोषणा भी कर दी गयी है, हालांकि भाजपा का एक खेमा इस सीट को भाजपा के पास ही रखना चाहता है, अब पशुपति ने इस सीट पर अपनी दावेदारी को पेश कर संकट को और भी गहरा बना दिया है, इसके साथ ही वह किसी भी कीमत पर पांच सीट से कम पर समझौता करने को तैयार नहीं दिख रहे हैं. उन्होंने कहा है कि पांच सीट पारस गुट के खाते में जायेगी और इस पर कोई इफ बट की बात नहीं है.

दोनों गुटों को मिलाकर कुल 10 सीटों पर हो रही है दावेदारी

जबकि इतनी ही सीटों पर दावेदारी चिराग पासवान भी कर रहे हैं, इस प्रकार पारस गुट और चिराग गुट दोनों को मिला दिया जाय तो कुल 10 सीट इनके खाते में देनी पड़ेगी, इसके साथ ही भाजपा को उपेन्द्र कुशवाहा और दूसरे  कई दलों को एडजस्ट करना है, यदि पांच सीट भी दूसरे  दलों के लिए मान लिया जाय तो कुल मिलाकर भाजपा को यहां 15 सीटों की कुर्बानी देनी पड़ सकती है, जबकि भाजपा का इरादा कम से कम 30 सीटों पर चुनाव लड़ने का है.

साफ है कि 18 जुलाई को बैठक काफी हंगामेदार रहने वाली है, और मांग नहीं माने जाने पर पारस गुट एनडीए खेमा को अलविदा भी कह सकता है. क्योंकि भाजपा किसी भी कीमत पर चिराग को खोना नहीं चाहती और जबकि पशुपति पारस चिराग के साथ किसी भी समझौता को तैयार नहीं हैं.

Tags:Clashes in NDAJuly 18 meetingchirga paswanNDAपशुपति नाथ पारस

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.