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कयामत की रात भाजपा शिशूपाल वध के लिए तैयार! इधर जहर लेकर घूम रहे षडयंत्रकारी का आरोप लगा हेमंत ने किया भेड़ियों के झुंड से टकराने का दावा

BY -
Devendra Kumar CW
Devendra Kumar CW
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 19, 2026, 7:25:20 AM

Ranchi- भले ही झारखंड की दुर्गा पूजा को कोलकत्ता के बाद पूरे देश में सबसे भव्य बताया जाता हो, और इस बात का दावा भी किया जाता हो कि शक्ति की प्रतीक मां दुर्गा की अराधाना में झारखंड देश के किसी कोने से पीछे नहीं है. लेकिन इस नवरात्र झारखंड में एक और शक्ति प्रदर्शन चल रहा है, हालांकि यह शक्ति प्रदर्शन सियासी है, लेकिन यहां भी सियासी बलि के दावे किये जा रहे हैं. और इसकी शुरुआत भाजपा की ओर से हुई है, जब नवरात्रा के ठीक पहले भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने इस दावे के साथ सियासी गलियारों में सनसनी फैला दी थी कि झारखंड में जल्द ही शिशूपाल वध होने जा रहा है. हालांकि उनके द्वारा इस बात से कनी काट ली गयी कि झारखंड की सियासत में वह शिशूपाल कौन है?  लेकिन सियासी जानकारों ने माना कि निशिकांत का शिशुपाल और कोई नहीं खुद सीएम हेमंत थें, जिस पर उनपर ईडी की तलवार लटकी हुई है, और भाजपा खेमें के द्वारा लगातार यह दावा किया जा रहा था कि जिस ईडी के समन से वह भागते फिर रहे हैं. उसमें उन्हें कोर्ट से कोई मदद नहीं मिलने वाली नहीं है, जल्द ही सीएम हेमंत को ईडी के समक्ष पेश होना होगा और कोई भी सत्ता उनकी गिरफ्तारी से रोक नहीं सकता.

ईडी समन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट से हाईकोर्ट तक गुहार लगा चुके हैं हेमंत

हालांकि इस बीच सीएम हेमंत सुप्रीम कोर्ट से लेकर हाईकोर्ट तक की गुहार लगा चुके हैं, और खबर यह है कि वह हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ एक बार फिर से सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं. यहां हम यह भी बता दें कि हाईकोर्ट में जिरह के दौरान उनके वकीलों ने दावा किया था कि सीएम हेमंत ना किसी मामले में आरोपी है, और ना ही गवाह, फिर  किस आधार पर ईडी समन दर समन भेज कर उनके सामने परेशानी पैदा करने की कोशिश कर रहा है.

एक आदिवासी मुख्यमंत्री को बलि का बकरा बनाने की साजिश रच रही है भाजपा

इस बीच सीएम हेमंत ने यह कह कर अपने कोर वोटरों को साफ संकेत दे दिया था कि एक आदिवासी मुख्यमंत्री होने के कारण उन्हे भाजपा के द्वारा बलि का बकरा बनाने की कोशिश की जा रही है, उन्होंने कहा था कि उनके पीछे भेड़ियों का  झुंड को छोड़ दिया गया है, और किसी भी वक्त उनको कैदखाने में कैद किया जा सकता है.

भाजपा का दावा कयामत की रात बेहद करीब

सीएम हेमंत के इस बयान के बाद भाजपा ने पटलवार करते हुए शिशूपाल वध से एक और कदम आगे जाते हुए दावा किया कि अब कयामत की रात बेहद करीब खड़ी है, और सीएम हेमंत इसी भय में जहर लेकर घूमने का आरोप लगा रहे हैं.

महज एक नोटिस पर इतना बेचैन क्यों हैं सीएम हेमंत

सीएम हेमंत के बयान पर प्रतिक्रिया प्रकट करते हुए भाजपा प्रवक्ता ने दावा किया कि अभी तो सीएम हेमंत को सिर्फ नोटिस भेजा गया है, लेकिन महज एक नोटिस की बिना पर वह इतना बेचैन क्यों है. लगता है कि सीएम की अन्तरआत्मा को उनके पापों का ज्ञान हो चुका है, और इस बात का एहसास हो चुका है कि उनके द्वारा जिस प्रकार झारखंड के संसाधनों को लूटा गया है, उसकी सजा उनको मिलने वाली है. राज्य में कांग्रेस और झामुमो की सत्ता करीबन 12 वर्षों तक रही है, लेकिन दावा किया जा रहा है कि सबसे अधिक समय तक भाजपा सत्ता में रही है. अब जजमेंट का समय नजदीक आ रहा है और यह रात सीएम हेमंत के लिए कयामत की रात होगी.

शिशूपाल वध भाजपा के लिए अपने ही पैर में कुल्हाड़ी मारने के समान

हालांकि सियासी जानकारों का दावा है कि भाजपा भले ही शिशूपाल वध से लेकर कयामत की रात तक की चर्चा कर ले ,लेकिन यह उसे भी पता है कि सीएम हेमंत को कैदखाने में कैद करना, भाजपा के लिए ताबूत की आखरी किल होगी. क्योंकि सीएम हेमंत की गिरफ्तारी के बाद झारखंड के आदिवासी-मूलवासी समूहों में जो गोलबंदी तैयार होगी, उसकी आंधी में भाजपा 2024 की लड़ाई में कहीं नहीं ठहरेगी, उसकी बची-खुची आशा भी झारखंड की सियासत से समाप्त हो जायेगी. भले ही भाजपा के छुटभैये नेता इस बात का राग अलापते रहें, लेकिन केन्द्रीय आलाकमान 2024 के पहले यह भूल करने की जोखिम नहीं सकता.

अपने कोर वोटरों को साधने की सियासत चल रहे हैं सीएम हेमंत

वैसे भी सीएम हेमंत जिस प्रकार लगातार ‘जहर लेकर घूमने का षडयंत्र’ तो ‘भेड़ियों का झूंड’ की बात कर रहे हैं, उससे साफ है कि वह अपने कोर वोटरों को इस बात राजनीतिक संकेत देने की कोशिश कर रहे हैं कि उनकी गलती महज इतनी है कि उनकी सरकार के द्वारा सियासी जोखिम लेकर सरना धर्म कोड, खतियान आधारित नियोजन नीति और स्थानीय नीति, पेसा कानून और पिछड़ों को आरक्षण में विस्तार का फैसला लिया गया, और इसी पाप के लिए उन्हे कोलकोठरी में कैद करने की साजिश रची जा रही है.

सीएम हेमंत के जेल जाने बावजूद झारखंड की सत्ता में नहीं होगा कोई बदलाव

यहां यह भी ध्यान रहे कि सीएम हेमंत के जेल जाने से महज झारखंड में सीएम का चेहरा बदलेगा. सत्ता में कोई परिवर्तन नहीं आने वाला है. जबकि सीएम हेमंत को कालकोठरी में कैद कर भाजपा सियासी ट्रिप में फंस सकती है. भाजपा को जेल भेजना भले ही सियासी फतह नजर आता हो, लेकिन भाजपा का यही पैंतरा सीएम हेमंत के लिए 2024 का मास्टर कार्ड साबित हो सकता है, और भला कोई भी सियासतदान इस मौके को कैसे गंवा सकता है.  

Tags:BJP ready to kill Shishupalnight of Apocalypseconspirator roaming around with poisonHemant claimed to have collided with a pack of wolves.Ed summonbjpcm HemantED raided notice to cm hemantbjp attack on cm HemantShishupal vadhEd notice to CM HemantConspiracy to make tribal chief minister a scapegoat

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