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Big breaking- नया बॉस पुराना तेवर, सीएम हेमंत को मिला चौथा समन! 23 सितम्बर को ईडी कार्यालय मे उपस्थित होने का निर्देश

BY -
Devendra Kumar CW
Devendra Kumar CW
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 15, 2026, 5:54:04 AM

रांची(RANCHI): ईडी के समन को देश की सर्वोच्च अदालत में चुनौती देने के बावजूद ईडी ने सीएम हेमंत को एक बार फिर से समन भेज कर 23 सितम्बर को अपने कार्यालय में पेश होने का निर्देश दिया है.

ध्यान रहे कि सीएम हेमंत की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को सुनवाई होनी है. इसके पहले सीएम हेमंत ने अपने वकील मुकुल रोहतगी की बीमारी का हवाला देते हुए मामले को अगले सप्ताह सुनने की गुहार लगायी थी, जिसे जस्टीस अनुरुद्ध बोस और बेला एम. त्रिवेदी की अदालत ने सीएम स्वीकार कर लिया था.

यहां बता दें कि कथित जमीन घोटला मामले में ईडी ने सीएम हेमंत को 14 अगस्त को अपने कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया था, समन जारी होने के बाद सीएम हेमंत ने ईडी को एक पत्र भेजकर यह सवाल खड़ा किया था कि क्या किसी भी राज्य के मुखिया को 14 अगस्त को पूछताछ के लिए बुलावा भेजना उसे अपमानित करने की साजिश नहीं है? हर किसी को पत्ता है कि 15 अगस्त और 15 अगस्त के पहले किसी भी सीएम की कितनी व्यस्तता होती है, बावजूद  इसके जानबूझ 14 अगस्त की तिथि को निर्धारित करना, इस बात का प्रमाण है कि अपने राजनीतिक आका के दवाब में ईडी एक निर्वाचित सरकार के मुखिया को बदनाम करने की साजिश रच रही है, ताकि इस मामले को स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर मीडिया का हेडलाईन बनाया जा सके. इसके साथ ही सीएम हेमंत ने ईडी को अपना समन वापस लेने या कानूनी कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार रहने को कहा था.

हालांकि उसके बाद एक बार फिर से 24 अगस्त को ईडी कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया, लेकिन सीएम हेमंत उस दिन भी ईडी कार्यालय नहीं पहुंचे और ईडी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंच गयें, इधर मामला कोर्ट में रहने के बावजूद ईडी ने सीएम हेमंत के नाम 9 सितम्बर को तीसरा समन भेजा दिया, लेकिन सीएम हेमंत उस दिन भी ईडी कार्यालय नहीं पहुंचे. साफ है कि सीएम हेमंत अब इस मामले का समाधान सुप्रीम कोर्ट में चाहते हैं.

पीएमएलए-2002 की धारा 50 और 63 की वैधता की चुनौती दे चुके हैं सीएम हेमंत 

यहां बता दें कि सीएम हेमंत ने अपनी याचिका में पीएमएलए-2002 की धारा 50 और 63 की वैधता को चुनौती दी है, उन्होंने कहा कि पीएमएलए की धारा 19 के तहत जांच एजेंसी को धारा 50 के तहत बयान दर्ज करने के दौरान ही किसी को गिरफ्तार करने का अधिकार है. जबकि आईपीसी के तहत किसी भी जांच एजेंसी के समक्ष दिया गया बयान का कोर्ट में कोई मान्यता नहीं है,  इस विरोधाभास को दूर करने की जरुरत है. उन्होंने ने इस मामले में ईडी के साथ ही न्याय एवं कानून मंत्रालय को भी प्रतिवादी बनाया है. हालांकि इस बीच खुद ईडी भी सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुकी है, और उसके द्वारा किसी भी नतीजे पर पहुंचने के पहले ईडी का पक्ष सुनने की गुहार लगायी गयी है. यहां यह बता दें कि यह मामला कार्ति पी चिदंबरम बनाम ईडी पर आधारित है, और वह मामला भी अभी कोर्ट में पेंडिंग है. 

यहां यह भी बता दें कि 15 सितम्बर को ईडी चीफ संजय कुमारा मिश्रा की विदाई हो चुकी है, और उनके स्थान पर राहुल नवीन ने नये बॉस के रुप में कार्यभार संभाल लिया है, जिसके बाद एक भार फिर से सीएम हेमंत को समन भेजा गया है.  

Tags:CM Hemant got fourth summonInstructions to appear in ED office on 23rd Septembervalidity of Sections 50 and 63 of PMLA-2002under Section 19 of PMLAसंजय कुमारा मिश्रा की विदाईराहुल नवीन

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