✕
  • News Update
  • Trending
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • Health Post
  • Foodly Post
  • TNP Special Stories
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Know Your MLA
  • Art & Culture
  • Tour & Travel
  • Local News
  • Special Stories
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • covid -19
  • LS Election 2024
  • TNP Explainer
  • International
  • Blogs
  • Education & Job
  • Special Story
  • Religion
  • Top News
  • Latest News
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • YouTube
☰
  1. Home
  2. /
  3. Big Stories

कर्नाटक फतह के बाद अब पटना में विपक्षी दलों की बड़ी बैठक, मोदी रथ रोकने के लिए राजनीति के धुरघंरों की अंतिम कवायद

BY -
Devendra Kumar CW
Devendra Kumar CW
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 18, 2026, 12:15:28 AM

Ranchi- चालीस दिनों के अन्दर-अन्दर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जून खड़गे और कांग्रेस का चेहरा राहुल गांधी से अपनी दूसरी मुलाकात के बाद विपक्षी एकता की मुहिम को साधने निकले सीएम नीतीश बेहद उत्साहित नजर आ रहे हैं. उनकी कोशिश कर्नाटक चुनाव से निकले राजनीतिक संदेशों के आधार पर पीएम मोदी के खिलाफ विपक्षी एकता की एक बड़ी दीवार खड़ी करने की है.

अपने-अपने राज्यों के क्षत्रपों से मिले समर्थन से उत्साहित हैं नीतीश कुमार

विपक्षी एकता की इस मुहिम को ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, शरद पवार, उद्भव ठाकरे, हेमंत सोरेन, केजरीवाल जैसे अपने-अपने राज्यों के क्षत्रपों से मिले समर्थन से उत्साहित नीतीश कुमार जल्द ही पटना में इन विपक्षी नेताओं की एक बड़ी बैठक बुलाने जा रहे हैं. माना जा रहा है कि इस मीटिंग के बाद यह साफ हो जायेगा कि वह कौन-कौन से चेहरे होंगे जो इस मोदी रथ को रोकने में मैदान में उतरेंगे और वह कौन-कौन से चेहरे होंगे जो अभी भी कांग्रेस से अपनी दूरी बनाना पसंद करेंगे, या जिन्हे अभी भी प्रधानमंत्री मोदी के राजनीतिक करिश्में से विश्वास नहीं टूटा है, या जो इस लड़ाई को रिंग के बाहर बैठ निर्लेप भाव से देखना चाहते है और बाद में बदली राजनीतिक परिस्थितियों के अनुरुप अपना फैसला लेने की सोच रखते हैं.

खिंचा जायेगा विपक्षी एकजूटता का पूरा खांचा

इस बैठक में विपक्षी एकता का एक पूरा खांचा तैयार किया जायेगा, साथ ही इस बात का भी संकेत मिल जायेगा कि विपक्षी एकजूटता का वह चेहरा कौन होगा. हालांकि सीएम नीतीश ने कई मौकों पर यह साफ कर दिया है कि उन्हे प्रधानमंत्री की कुर्सी में कोई दिलचस्पी नहीं है, लेकिन राजनीति तो इन्ही संभवानाओं का खेल है. दिलचस्प बात यह है कि इन चेहरों में से शायद ही कोई चेहरा बनने को तैयार नहीं हो, लेकिन सबकी अपनी अपनी सीमाएं है, और उन्हे उसी राजनीतिक सीमाओं के दायरे में अपने सपनों का उड़ान देना है.

कोर्डिनेशन कमेटी का किया जा सकता है निर्माण, सीएम नीतीश हो सकतें है इसका चेहरा

लेकिन फिलहाल यह माना जा रहा है कि इस बैठक में एक कोर्डिनेशन कमेटी का निर्माण किया जा सकता है, जिसकी अध्यक्षता सीएम नीतीश के कंधों पर डाली जा सकती है. यदि राजनीतिक वरिष्ठता की बात करें तो एक क्षेत्रीय पार्टी का सुप्रीमो होने के बावजूद सीएम नीतीश का चेहरा काफी बड़ा है, हां उनके चेहरे को शरद पवार से चुनौती मिल सकती थी, लेकिन उनकी खराब सेहत इसकी इजाजत नहीं देती. जबकि अरबिंद केजरीवाल और कांग्रेस के बीच रिश्तों में खटास कोई छुपी दास्तान नहीं है. बावजूद अरबिंद केजरीवाल बदली हुई परिस्थितियों में कांग्रेस के साथ खड़ा होता दिख रहे हैं. लेकिन इन सबों के बीच एक और नाम है वह है नवीन पटनायाक का.

नीतीश नवीन मुलाकात के बाद नवीन पटनायक को आया था पीएम का बुलावा  

याद रहे कि नीतीश नवीन मुलाकात के बाद तुंरत दिल्ली में हरकत तेज हो गयी थी और पीएम मोदी की ओर से नवीन पटनायक का बुलावा आ गया था, हालांकि सत्य यह है कि जिस प्रकार पीएम मोदी ने ओडिसा विधान सभा में चुनाव के दौरान बीजद के खिलाफ आग उगला था और नवीन पटनायक को वंशवादी राजनीति का चेहरा करार दिया था, शायद आज भी नवीन पटनायक को पीएम मोदी के वे शब्द वाण याद होंगे. और वे भी समय का इंतजार कर रहें होंगे. लेकिन नवीन पटनायक जिस समय का इंतजार कर रहे हैं, विपक्षी एकजूटता के लिए वह घातक हो सकता है.    

Tags:Karnataka victorybig meeting of opposition parties in Patnalast exercise of the stalwarts of politics to stop the Modi chariotनवीन पटनायककोर्डिनेशन कमेटीअरबिंद केजरीवालममता बनर्जीअखिलेश यादवशरद पवारउद्भव ठाकरेहेमंत सोरेनकेजरीवाल

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.