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विधायक सांसदों के बाद अब पूर्व विधायक सांसदों से मुलाकात, 2024 के पहले एक-एक नट बोल्ट को टाइट करने में जुटे नीतीश कुमार

BY -
Devendra Kumar CW
Devendra Kumar CW
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 15, 2026, 1:07:07 PM

पटना (PATNA) इंडिया का संयोजक कौन होगा, इस विपक्षी दलों के महागठबंधन में सीएम नीतीश की क्या भूमिका होगी, क्या विपक्ष का कोई एक चेहरा होगा, या हर क्षत्रप अपने-अपने सूबे में ब्रांड मोदी के खिलाफ एक चेहरा होगा, और भाजपा को 150 के आसपास सीटों पर सिमटाने के बाद पीएम चेहरे का बिल्कूल लोकतांत्रिक तरीके से चयन होगा, जैसे कई प्रश्न आज लोगों के जेहन में उठ रहे हैं, हर शख्स अपनी राजनीतिक सुविधा और राजनीतिक झुकाव के अनुसार इसका मूल्यांकन करने में जुटा है. इसमें कईयों को लगता है कि अपनी तमाम विफलताओं और सिकुड़ते सामाजिक आधार के बावजूद पीएम मोदी का तीसरी बार सत्तारोहण तय है, वहीं दूसरे खेमे का मानना है कि राज्य दर राज्य भाजपा के हाथ से निकलता जा रहा है, जो ब्रांड मोदी 2019 में जीत की गारंटी था, कई राज्यों में वह बोझ बन गया, यही कारण है कि संगठित मीडिया और कॉरपोरेट की अथाह पूंजी के बावजूद पीएम मोदी का चेहरा बंगाल, हिमाचल, कर्नाटक, दिल्ली. पंजाब आदि राज्यों में नहीं चला.

कॉरपोरेट पूंजी और मीडिया की ताकत के बल पर राहुल को पप्पू बनाने की कोशिश

जबकि इसके विपरीत जिस कॉरपोरेट पूंजी और मीडिया की ताकत के बल पर राहुल गांधी जैसे उच्च शिक्षित युवा को पप्पू बताने की कोशिश की गयी थी, उस पप्पू ने अपनी भारत जोड़े यात्रा से साबित कर दिया कि हिन्दूस्तान का मिजाज वह नहीं है, जिस रुप में भाजपा इसे प्रचारित प्रसारित करती है, सामाजिक अलगाव की कोशिशें कुछ समय के लिए सफल हो सकती है, लेकिन लम्बे समय तक यह टीक नहीं पाता. सामाजिक सद्भावना, बहुलतावादी सोच हमारी परंपरा का अभिन्न हिस्सा है, और राहुल गांधी आज इसी सामाजिक सद्भावना, बहुलतावादी सोच के प्रतीक बन कर उभरे हैं.

तीसरी धारा की कोई गुंजाईश नहीं

उपरोक्त दो धाराएं आज की राजनीति की कड़वी सच्चाई है. तीसरी धारा कहीं बहती दिख नहीं रही है, साफ है कि आने वाले 2024 की लड़ाई इन्ही दो धाराओं में लड़ी जानी है, सीएम नीतीश जो दूसरी सामाजिक सद्भावना, बहुलतावादी सोच की विचारधारा के साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं, बल्कि कहा जाय तो विपक्षी दलों का महागठबंधन को आज आकार लेता दिख रहा है, उसके सृजनकर्ता सीएम नीतीश ही हैं.

सीएम नीतीश की प्रतिबद्धता पर सवाल

हालांकि कई मीडिया घरानों में सीएम नीतीश की प्रतिबद्धता को लेकर कई सवाल खड़े किये जा रहे हैं, यह दावा किया जा रहा है कि सीएम नीतीश कभी भी चौंकने वाला फैसला ले सकते हैं, लेकिन इन तमाम कयासों और मीडिया प्रायोजित खबरों से अलग वह 2024 के महासंग्राम के पहले अपने एक एक नट बोल्ट को कसते दिखलाई दे रहे हैं. कुछ दिन पहले ही उनके द्वारा विधायकों और सांसदों से मुलाकात पर बवाल काटा गया था, यह दावा किया गया था कि इंडिया का भविष्य क्या होगा, जबकि खुद  सीएम नीतीश ही पाला बदलने की तैयारी में हैं, कई लोगों ने यह दावा भी कर दिया कि संयोजक नहीं बनाये जाने के कारण वह नाराज हैं, लेकिन इन सारी खबरों से बेखबर सीएम नीतीश की नजर बिहार में महागठबंधन को टाइट करने पर टिकी हुई है. आज वह सिर्फ जदयू को ही टाइट नहीं कर रहे हैं, बल्कि राजद कांग्रेस के वैसे चेहरों पर भी उनकी नजर है, जो अविश्वसनीय है, इसकी जानकारी उनकी ओर से संबंधित पार्टियों को भी दी जी रही है, उन्हे अलर्ट किया जा रहा है, माना जाता है कि अपने  विधायकों और सांसदों के साथ मुलाकात के बाद पूर्व सांसदों और विधायकों से मिलने का यह सिलसिला भी उसी का हिस्सा है, यह समझने की कोशिश है कि किस सीट से महागठबंधन का कौन सा चेहरा मजबूत उम्मीदवार होगा.

Tags:Nitish Kumar engaged in tightening each nut and bolt before 2024loksabha election 2024Nitish kumarcongresjduRjdbiharRahul gandhiIndia

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