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खरमास में क्यों रुक जाते हैं मांगलिक कार्य, क्या है पौराणिक मान्यता, जानें कौन सा कार्य करने से मिलता है शुभ फल

BY -
Priyanka Kumari CE
Priyanka Kumari CE
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 13, 2026, 4:44:24 AM

टीएनपी डेस्क(TNP DESK):इन दिनों खरमास चल रहा है. एक महीने तक चलनेवाले खरमास की शुरुआत 15 दिसंबर से हो चुकी है, जो मकर संक्रांति के दिन यानि 15 जनवरी के दिन उतरेगा.अक्सर आप लोगों ने बड़े बुजुर्गों के मुंह से यह बात सुनी होगी कि खरमास में शादी विवाह जैसे मांगलिक कार्य नहीं होते है. ऐसी मान्यता है कि इस दौरान लोग नए कपड़े नए समानों की खरीदारी तक नहीं करते हैं, तो वहीं बड़े-बड़े मांगलिक कार्यों पर भी रोक लगा दी जाती है.इसके पीछे की क्या वजह है और क्यों खरमास में मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं या कौन से ऐसे कार्य हैं जो इस दौरान बिना किसी अर्चण के किया जा सकता है आज हम आपको विस्तार से बताएंगे.

इस वजह से लगता है खरमास

ज्योतिष शास्त्र की माने तो खरमास के दौरान सूर्य देव एक राशि से दूसरे राशि में 1 महीने के बाद  प्रवेश करते हैं, जब तक सूर्यदेव देवताओं के गुरु बृहस्पति की राशि में होते हैं, तब खरमास खरमास की शुरुआत होती है.सनातन धर्म में 33 करोड़ देवी देवता हैं, जिनमे सूर्य देव ही ऐसे देवता है, जो रोजाना लोगों को साक्षात रूप से दर्शन देते है ,क्योंकि उन्हें ही लोग देख सकते हैं. सूर्यदेव को जीवन का दाता माना जाता है, इनके बिना सभी के जीवन में अंधकार हो जायेगा.इनके बिना जीवन की कल्पना करना भी मुश्किल है.

 इस वजह से खरमास में नहीं होते है मांगलिक कार्य

ऐसी धार्मिक मान्यता है कि जब तक सूर्य बृहस्पति के राशियों में प्रवेश करते हैं तो उनका तेज कम हो जाता है. सूर्य का तेज होना मांगलिक कार्य के लिए उत्तम नहीं माना जाता है.इसलिए खरमास के दिनों में मांगलिक कार्य नहीं किया जाता है. ज्योतिष के अनुसार सूर्य ग्रह के राजा माने जाते है, जो अपने पिता पक्ष का प्रतिनिधित्व करते हैं.जिसके नाते इनको सौर परिवार के सदस्य के रुप में देखा जाता है, और सूर्य का तेज कम होने पर मांगलिक कार्य नहीं किये जाते है.

खरमास के दौरान सूर्य को जल चढ़ाना शुभ माना जाता है

वहीं खरमास में सूर्य देव की पूजा को खास महत्व दिया जाता है.खरमास के दौरान रोज सुबह उठकर जल अर्पण करने से शुभ फल मिलता है.वहीं खरमास के दौरान गरीब और जरूरमंद लोगों को भोजन कराना अति शुभ माना जाता है.जो लोग कष्ट में जीवन जी रहे हैं उनके लिए खरमास में आप अन्नदान कर सकते हैं. वहीं पशु पक्षियो को दाना खिलाना भी शुभ माना जाता है.

भगवान बिष्णु की पूजा से होता है लाभ

वहीं भगवान विष्णु की पूजा करना भी शुभ होता है और ग्रहों की स्थिति अच्छी रहती है. खरमास के दौरान भगवान विष्णु को पीले भोजन का चढ़ाना चाहिए.विधि विधान से पूजा करने से आपका  बृहस्पति मजबूत होता है.

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