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18 जुलाई से मलमास की शुरुआत, इस दौरान इन तरीकों से पायें श्रीहरि का आर्शीवाद, जानें क्यों पड़ता है मलमास    

BY -
Priyanka Kumari CE
Priyanka Kumari CE
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 19, 2026, 8:10:03 AM

टीएनपी डेस्क(TNP DESK):मलमास महीने की शुरुआत आज 18 जुलाई 2023 से हो चुकी है. मलमास को अधिकमास भी कहा जाता है. क्योंकि जिस साल कोई भी एक महीना दो बार पड़ता है, तो उसे मलमास कहा जाता है. इस साल सावन का महीना दो महीने का पड़ा है. इस वजह से इसे मलमास कहा गया है. मलमास का महीना भगवान विष्णु को समर्पित होता है.  2023 में ये 18 जुलाई से शुरू होकर 16  अगस्त 2023 तक रहेगा.

भगवान बिष्णु की पूजा का है विशेष महत्व

इस दौरान भगवान विष्णु योग निद्रा में रहते हैं. इसकी वजह पूरे सृष्टि की बागडोर भगवान भोलेनाथ के हाथों में होती है. लेकिन फिर भी भगवान श्री हरि विष्णु अपने भक्तों पर अपनी कृपा बनाए रखते हैं. इस दौरान भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करने से और खास उपाय करने से धन्य-धान्य की प्राप्ति होती है. और जीवन में खुशहाली आती है.

शादी-विवाह, गृह प्रवेश, वास्तु पूजा और शुभ काम पर रहती है रोक

मलमास के महीने में कोई भी शुभ कार्य नहीं किये जाते है. मांगलिक कार्यों पर पूरी तरह से रोक रहती है. जिसमे शादी-विवाह, गृह प्रवेश, वास्तु पूजा और शुभ किसी भी काम की शुरुआत नहीं की जाती है. इस दौरान दान-पुण्य का विशेष महत्व माना जाता है. जिससे देवी-देवताओं की कृपा आप पर बनी रहती है. और आप सुखी संपन्न रहते हैं. आज हम आपको कुछ ऐसे उपाय बतायेंगे जो मलमास के दौरान करने चाहिए.

भगवान बिष्णु को खुश करने के लिए करें ये उपाय

किसी भी शुभ कार्य को ना करें- मलमास के दौरान आपको किसी भी नए काम की शुरुआत, किसी नई चीज को खरीदना या फिर शादी विवाह जैसे शुभ कार्य को नहीं करना चाहिए क्योंकि इसे अशुभ माना जाता है.

भगवान विष्णु की करें आराधना- मलमास भगवान विष्णु का महीना होता है. इसलिए पूरे महीने इनकी आराधना करनी चाहिए. मंत्रों का जाप करना चाहिए और हवन करना चाहिए. जितना हम श्री हरि विष्णु को याद करेंगे, उनकी पूजा करेंगे उतना ही ज्यादा उनका आशीर्वाद हमपर बनी रहेगी. और श्री हरि विष्णु और माता लक्ष्मी हमसे प्रसन्न रहेंगे.

श्रीमद् भागवत कथा का करें पाठ- मलमास के दौरान श्रीमद् भागवत कथा का पाठ करना बहुत ही शुभ माना जाता है. क्योंकि इस दौरान भागवत कथा करने से आपके घर में शांति बनी रहती है, और घर में सकारात्मक ऊर्जा की वजह से सुख की प्राप्ति होती है.

जल और दूध मिलाकर तुलसी माता को दें अर्घ- इस दौरान सहस्त्रनाम का जाप जाप करना चाहिए. इसके साथ ही भगवान बिष्णु की कृपा पाने के लिए रोजाना दूध मिलाकर तुलसी माता को अर्घ देना चाहिए. इससे सभी मनोकामनाएं पूरी होती है.

तुलसी की मिट्टी का तिलक लगायें- माता तुलसी की पूजा के बिना भगवान बिष्णु की पूजा अधूरी माना जाती है. इसलिए पूरे महीने भगवान विष्णु और माता तुलसी की पूजा की जाती है. माता तुलसी की मिट्टी का तिलक लगाने से भगवान का भगवान विष्णु का आशीर्वाद भी हमें मिलता है. क्योकि भगवान विष्णु को तुलसी अति प्रिय है.

ब्रजभूमि की करें यात्रा- मलमास के महीने में ब्रजभूमि की यात्रा जरुर करनी चाहिए. क्योकि इस दौरान यात्रा करने से पुण्य की प्राप्ति होती है. और शुभ फल मिलता है.

क्यों लगता है मलमास

हर साल चंद्र और सूर्य के बीच लगभग 11 दिनों का अंतर आ जाता है, जो 3 साल में कुल 33  बढ़ जाता है. जो लगभग एक महीने का होता है. इसी बढ़े हुए दिनों की वजह से एक महीना बढ़ जाता है. जिसे अधिकमास या मलमास कहा जाता है.

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