टीएनपी डेस्क(TNP DESK):सनातन धर्म में हर दिन को किसी ना किसी देवी देवता से जोड़कर देखा जाता है. जहां रविवार को भगवान सूर्य देव.सोमवार को भगवान शंकर को, मंगलवार को बजरंगबली,बुधवार को गणेश भगवान, गुरुवार को भगवान विष्णु, शुक्रवार माता लक्ष्मी, शनिवार शनि देव से जोड़कर देखा जाता है.वैसे तो हिंदू धर्म में मांस मछली यानी मांसहारी भोजन का कहीं भी उल्लेख नहीं किया गया है और हर जगह इसे गलत बताया गया है, क्योंकि यह तामसिक भोजन है यह राक्षसी भोजन के कैटेगरी में आता है. इसे नहीं करने की सलाह दी जाती है लेकिन फिर भी आजकल लोग मांसाहारी भोजन करते है.
तीन दिन भूलकर भी ना खाएं मांस-मछली
आजकल के आधुनिक युग में लोग शाकाहारी के साथ मांसाहारी भोजन भी करते है.जो लोग पूरी तरीके से मांसाहारी भोजन नहीं छोड़ सकते है ऐसे लोगों को सप्ताह में 3 दिन मांसाहारी भोजन न करने की सलाह दी जाती है. हिंदू शास्त्र की माने तो सोमवार, मंगलवार और शनिवार के दिन मांस और मछली खाना नहीं चाहिए.इसको खाने से भगवान शंकर और शनिदेव का बुरा प्रभाव पड़ता है. जिससे आप आर्थिक तंगी के साथ और कई परेशानियों का सामना करते है.
सप्ताह के सातों दिन देवी देवता को है समर्पित
ऐसे में चलिए आज हम आपको बता देते है अगर कोई सोमवार, मंगलवार और शनिवार के दिन मांस मछली का सेवन करता है तो क्या-क्या हानि हो सकती है.आपको बता दें कि भूलकर भी मंगलवार के दिन मांस मछली का सेवन नहीं करना चाहिए.क्योंकि मंगलवार का दिन बजरंगबली यानी हनुमान जी को समर्पित होता है. इस दिन यदि कोई मांस मछली का सेवन करता है तो उसके ऊपर अर्थिक संकट मंडराने लगता है.वह मानसिक रूप से अशांत हो जाता है तो वही कई परेशानियाँ उसे घेर लेती है.
माता लक्ष्मी हो जाती है क्रोधित
वही इसके साथ ही गुरुवार के दिन भूल कर भी मांस मछली का सेवन नहीं करना चाहिए. गुरुवार का दिन भगवान श्री हरि विष्णु को समर्पित होता है.भगवान विष्णु माता लक्ष्मी के पति परमेश्वर है.ऐसे में उनके चरणों में माता लक्ष्मी का वास होता है.यदि इस दिन कोई मांसाहारी भोजन करता है तो माता लक्ष्मी उससे रुष्ट हो जाती है और उसके घर पर कंगाली छा जाती है.घर के सभी सदस्या अर्थिक तंगी से जूझने लगते है और परेशानियाँ उन्हें घेर लेती है.इसलिए गुरुवार के दिन भूल कर भी मांसाहारी भोजन नहीं करना चाहिए.
शनि कीसाढ़े साती हो जाती है प्रभावी
भगवान शनिदेव को न्याय का देवता माना जाता है, ऐसा कहा जाता है कि जो भी लोग किसी निर्दोष या गरीब असहाय लोगों के साथ अन्याय करते है,तो भगवान शनिदेव इसका इन्साफ करते है और जो गलत है उनको साढ़े साती परेशान करती है.ऐसे में अगर कोई व्यक्ति शनिवार के दिन मांस मछली का सेवन करता है तो शनिदेव से क्रोधित हो जाते है और एफआईआर साढ़े साती उन्हें काफी ज्यादा परेशानी करती है.ऐसा माना जाता है कि जिससे शनीदेव क्रोधित हो जाए उसे 7 साल परेशानियाँ ही परेशानियाँ झेलनी पड़ती हैं इसलिए भूल कर मास मछली का सेवन नहीं करना चाहिए.
