धनबाद(DHANBAD): धनबाद में मेयर चुनाव लड़ रहे 29 प्रत्याशियों की किस्मत तो बक्शे में बंद हो गई है, लेकिन अब डिप्टी मेयर के लिए फील्डिंग शुरू हो गई है. कौन बनेगा डिप्टी मेयर, इसके लिए कई वार्ड पार्षदों के मन में इच्छा जागृत हो रही है . यह अलग बात है कि वार्ड पार्षद में कौन कौन जीतेगा , उसी पर सब कुछ निर्भर करेगा। वर्तमान व्यवस्था में वार्ड पार्षद ही डिप्टी मेयर का चयन करेंगे। मेयर का चुनाव तो वोटिंग के आधार पर हो रहा है, लेकिन डिप्टी मेयर का चयन पार्षद ही करेंगे। इसके लिए फील्डिंग सजनी शुरू हो गई है. जो वार्ड पार्षद अधिक से अधिक समर्थन जुटा पाएंगे, वह डिप्टी मेयर बनेंगे। हालांकि मेयर कौन चुना जाता है, इस पर भी बहुत कुछ निर्भर करेगा।
कौन बनेगा मेयर ,इस पर भी बहुत कुछ निर्भर करेगा
क्योंकि मेयर जो बनेगा, वह कोशिश जरूर करेगा कि उसके "लेंथ और लाइन" का ही डिप्टी मेयर बने. सूत्रों के अनुसार सुरक्षित डिप्टी मेयर बनने के लिए लगभग 30 पार्षदों का समर्थन जुटाना पड़ सकता है. वैसे कुल 55 वार्ड पार्षद चुनाव जीत कर आएंगे। 2006 में धनबाद नगर निगम का गठन हुआ था. पहला चुनाव 2010 में हुआ था. उस समय इंदु देवी मेयर चुनी गई थी, तो दिवंगत कांग्रेसी नेता नीरज सिंह डिप्टी मेयर बने थे. फिर जब 2015 में चुनाव हुआ, तो शेखर अग्रवाल मेयर चुने गए थे और नीरज सिंह के भाई एकलव्य सिंह डिप्टी मेयर बने थे. एकलव्य सिंह इस बार वार्ड पार्षद का चुनाव नहीं लड़ रहे है. कई अनुभवी पार्षद इस बार भी चुनाव मैदान में है. उनके मन में भी इच्छा है. ऐसे में धनबाद में मेयर का चुनाव होने के बाद और डिप्टी मेयर के लिए फील्डिंग शुरू हो गई है.
मत पत्रों की गिनती 27 फरवरी को शुरू होगी
उल्लेखनीय है कि मत पत्रों की गिनती 27 फरवरी को शुरू होगी। पहले वार्ड पार्षदों के वोटो की गिनती होगी, उसके बाद मेयर में चुनाव जीतने वाले की घोषणा होगी। लगभग 6 साल से धनबाद में शहर की सरकार की व्यवस्था सरकारी अधिकारियों के जिम्मे में थी. लेकिन अब नगर की सरकार गठित होने का समय नजदीक आ गया है. लगभग 6 वर्षों के बाद पार्षद, डिप्टी मेयर का चयन करेंगे और नगर पालिका बोर्ड का गठन होगा। यह बात भी सच है कि चुनाव को लेकर चाहे पार्षद हो अथवा मेयर के उम्मीदवार, सब ने बड़ी-बड़ी घोषणाएं की है. अब घोषणाओं को पूरा करना उनकी बड़ी चुनौती होगी।
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
