TNP DESK: पूरे देश में महंगाई आसमान चूमने को है,चाहे वो रोटी,कपड़ा या मकान ही क्यूं न हो. हम रोज रात को सुकून के साथ सोते हैं लेकिन अगले दिन आंख खुलते ही सब बदल जाता है, कभी पेट्रोल और डीजल महंगा तो काभी सोना चांदी,यहा तक की खाने पीने वाले हर एक चीज के दाम बढ़ जाते है जिसका सीधा असर हमे आम आदमी के जेब पर देखने को मिलता है.
महंगाई बढ़ती जा रही है और साथ में लोगों कि परेशानी भी. कुछ साल पहले तक जिस पैसे में में एक परिवार पूरे महीने का राशन, यात्रा और जरूरी खर्च आसानी से संभाल लेता था, आज उसी रकम में आधा महीना निकालना भी मुश्किल हो रहा है. रसोई रसोई से लेकर सफर तक और बच्चों की पढ़ाई से लेकर इलाज तक, लगभग हर चीज महंगी हो चुकी है. यही वजह है कि मिडल क्लास और नौकरी करने वाले लोगों का महीने का बजट पूरी तरह प्रभावित होने लगा है.
पहले लोग अपनी कमाई का एक हिस्सा बचत में रख लेते थे, लेकिन अब हालात ऐसे हो गए हैं कि महीने के अंत तक जेब खाली होने लगती है. कई परिवारों को अपने शौक, घूमना-फिरना और जरूरी सुविधाओं में भी कटौती करनी पड़ रही है. बढ़ती कीमतों ने लोगों की आर्थिक योजनाओं पर सीधा असर डाला है.
चलिए अब जानते हैं क्या-क्या चीज़े महंगी हुई हैं-
1.पहले पेट्रोल लगभग 97.77 रुपये प्रति लीटर के आसपास था, जो अब करीब 113.77 रुपये प्रति लीटर पहुंच चुका है. डीजल की कीमत भी लगभग 90.67 रुपये से बढ़कर 110.67 रुपये प्रति लीटर हो गई है.
2.सोना और चांदी जैसी धातुओं की कीमतों में भी भारी उछाल देखने को मिला है. पहले 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 1,05,000 रुपये से 1,30,000 रुपये के बीच थी, लेकिन अब यह 1,62,000 रुपये से भी ऊपर पहुंच गई है. वहीं चांदी, जो पहले करीब 1,20,000 रुपये प्रति किलो तक मिलती थी, अब 3,00,000 रुपये तक पहुंच चुकी है.
3.सब्जियों और फलों के दामों में भी पहले की तुलना में लगभग 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी देखी जा रही है.
4.इलेक्ट्रॉनिक सामानों की कीमतों में 5 से 10 प्रतिशत तक इजाफा हुआ है.
5.दवाइयों के दामों में 1 से 10 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी ने मरीजों और बुजुर्गों की चिंता और बढ़ा दी है.
6.फूड इंफलेशन की बात करे तो इसमे भी 4.20 प्रतिशत कि बढ़ोतरी हुई है. यानि की अब राशन-पानी पे भी इसका असर पड़ रहा है.
7.अब अगर बात कपड़ों कि करे तो इसमें भी कई ब्रैंडस अपने प्रॉडक्ट्स पर 10 प्रतिशत कि बढ़ोतरी कर चुके है.
8.जब बात कपड़ों कि हो रही है तो मेकअप कैसे पीछे रह सकता है? साल 2026 में मेकअप के दामों में भी 10 प्रतिशत का इजाफा हुआ है.
9.यहाँ तक की महंगाई ने सिगरेट तक को भी नहीं छोड़ा इसमें भी 4 रुपये का इजाफा हुआ है.
अब इन सब आकड़ों से हमे ये पता चलता है कि 2026 में महंगाई आसमान छू रही हैं. महंगाई के इस दौर में बचत करना भी मुश्किल होता जा रहा है. आय का बड़ा हिस्सा सिर्फ जरूरी जरूरतों को पूरा करने में खर्च हो जाता है. ऐसे में आर्थिक सुरक्षा और भविष्य की योजना बनाना पहले से ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो गया है.
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार जरूरी वस्तुओं की सप्लाई मजबूत कर, टैक्स में राहत देकर और बाजार पर निगरानी बढ़ाकर लोगों को कुछ राहत दे सकती है. वहीं आम लोगों को भी अपने खर्चों की प्राथमिकता तय करनी होगी. अनावश्यक खर्च कम करना, मासिक बजट बनाना और बिजली-ईंधन की बचत करना अब जरूरत बन गया है.
अगर आने वाले समय में कीमतों में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही, तो आम लोगों के लिए आर्थिक दबाव और बढ़ सकता है. ऐसे में समझदारी से खर्च करना और भविष्य को ध्यान में रखते हुए वित्तीय योजना बनाना बेहद जरूरी हो गया है.