TNP DESK- पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में एक और आरोपी की गिरफ्तारी हुई है. अब तक कुल पांच आरोपी गिरफ्तार किये जा जा चुके हैं. जानकारी के अनुसार पांचवा आरोपी वाराणसी से गिरफ्तार हुआ है. उसका नाम विनय राय बताया गया है. वह गाजीपुर जिले का रहने वाला है. सोमवार को भी एक की गिरफ्तारी हुई थी. इसके पहले बिहार और उत्तर प्रदेश से गिरफ्तारियां हो चुकी हैं. जानकार बताते हैं की हत्या मामले का मुख्य आरोपी राजकुमार सिंह को सोमवार को ही गिरफ्तार किया गया था.
चंद्रनाथ रथ की 6 मई को मध्य ग्राम में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी
मुख्यमंत्री के पीए चंद्रनाथ रथ की 6 मई को मध्य ग्राम में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. यह घटना चुनाव परिणाम की घोषणा के दो दिन बाद हुई थी. सरकार के अनुरोध के बाद सीबीआई ने इस हत्याकांड की जांच अपने हाथ में ले ली है. इस हत्याकांड ने पूरे बंगाल को हिला कर रख दिया है. वैसे, देशभर में इसकी चर्चा हो रही है. हत्याकांड में इस गिरफ्तारी के साथ ही पांच लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. इसके पहले चार गिरफ्तारी हो चुकी है. उत्तर प्रदेश से यह तीसरी गिरफ्तारी है. उल्लेखनीय है कि बंगाल के मुख्यमंत्री के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या मामले में सीबीआई की आठ सदस्य टीम एक्शन तेज कर दिया है. इस हत्याकांड के तार बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड से भी जुड़ा हुआ है. झारखंड के अधिकारियों को भी टीम में शामिल किया गया है.
हत्याकांड में कार और बाइक का किया गया था प्रयोग
जानकारी के अनुसार इस मर्डर केस में जिस कार का प्रयोग हुआ है, वह कार झारखंड की बताई जा रही है. दरअसल, हत्याकांड में शामिल हत्यारे साक्ष्य छुपाने की कोशिश की , लेकिन एक टोल पर अपने यूपीआई अकाउंट से भुगतान किया और यही से हत्याकांड की लीड मिली। पुलिस ने बिहार और उत्तर प्रदेश में छापेमारी की और तीन शूटरों को अरेस्ट किया। हत्याकांड में कार और बाइक का इस्तेमाल किया गया था. बाइक का नंबर भी फर्जी लगाया गया था. उस नंबर की खोज में बंगाल पुलिस धनबाद के पाथरडीह भी पहुंची थी. लेकिन पता चला कि हत्याकांड में पाथरडीह की बाइक का फर्जी नंबर इस्तेमाल किया गया था. जो व्यक्ति बाइक का मालिक था, वह पहले बंगाल में कार्यरत था. लेकिन बाद में उसका स्थानांतरण पाथरडीह हो गया था.
बंगाल पुलिस धनबाद के पाथरडीह भी आई थी
अपराधियों ने उनकी बाइक का फर्जी नंबर का इस्तेमाल किया। एक कार का भी प्रयोग किया गया. वह कार भी झारखंड की बताई जा रही है. जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, पता चल रहा है कि हत्याकांड के तार बंगाल, झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश से जुड़ते जा रहे हैं. बताया जा रहा है कि यह हत्याकांड "सुपारी किलिंग" हो सकती है. सुपारी की बड़ी रकम को लेकर भी चर्चा चल रही है. लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो रही है. कहा जा रहा है कि हत्या की साजिश एक महीना पहले से रची जा रही थी और इसके लिए "मैसेजिंग एप" का इस्तेमाल किया गया था. हालांकि इसकी कोई अधिकारिक पुष्टि नहीं हो रही है. लेकिन सूत्र बता रहे हैं कि इस हत्याकांड की साजिश बहुत पहले रची गई थी.