झारखंड निकाय चुनाव में क्यों बनेगा राजनीतिक दलों में नया गठबंधन,क्या जिसकी लाठी,उसकी भैंस वाली कहावत होगी चरितार्थ!


धनबाद(DHANBAD): झारखंड में अब निकाय चुनाव की उल्टी गिनती शुरू हो गई है. इसके साथ ही राजनीतिक दलों में भी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है.चुनाव लड़ने वाले अब मैदान में आने लगे हैं ."एक अनार ,सौ बीमार" वाली कहावत चरितार्थ होती दिख रही है.सूत्र बता रहे हैं कि समान विचारधारा वाली पार्टियों का झारखंड में निगम चुनाव को लेकर नए सिरे से गठबंधन हो सकता है .
तो क्या फिलहाल जो गठबंधन झारखंड में सत्ता में है, उसमें टूट होगी. हालत तो यही बता रहे हैं और इसकी शुरुआत भी धनबाद से ही होती दिख रही है .गुरुवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा ,जिला समिति की ओर से धनबाद मेयर पद के उम्मीदवार की घोषणा की गई. डॉक्टर नीलम मिश्रा उम्मीदवार घोषित की गई है. इस बैठक में धनबाद जिला झामुमो के पदाधिकारी मौजूद थे .मतलब साफ है कि बिना आला कमान के संकेत का यह सब नहीं हुआ होगा.
वैसे कांग्रेस भी अपने स्तर से तैयारी कर रही है. यह अलग बात है कि कांग्रेस के स्तर पर अभी उम्मीदवार की घोषणा नहीं हुई है. भाजपा ने उम्मीदवारों में एक राय बनाने के लिए एक समिति का गठन किया है. जो चुनाव लड़ने वाले लोगों से बात कर तय करेंगे कि एक ही उम्मीदवार पार्टी के स्तर पर चुनाव लड़ेगा. यह संभव होगा या नहीं, यह आगे की बात होगी. हर एक दल में चुनाव लड़ने वालों की लंबी फौज है. सभी निगम का चुनाव लड़ना चाहते हैं.
ऐसे में राजनीतिक दलों के लिए भी एक समस्या है कि आखिर कार्यकर्ताओं को कैसे एकजुट किया जाए. फिलहाल झारखंड में दो गठबंधन काम कर रहे हैं. सत्ता रूढ़ महागठबंधन में झामुमो, कांग्रेस और राजद है. माले का बाहर से समर्थन है. तो विपक्ष में भाजपा, आजसू और जदयू का गठबंधन है. अगर सभी दल अपने-अपने उम्मीदवारों की अलग-अलग घोषणा करेंगे तो माना जाना चाहिए कि झारखंड में सत्ता रूढ़ महागठबंधन में भी खटपट शुरू हो सकती है. हालांकि सूत्र दावा कर रहे हैं कि निगम चुनाव के लिए अलग गठबंधन बनेगा. देखना दिलचस्प होगा कि आगे आगे होता है क्या?
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
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