धनबाद भाजपा में किसका "राज", जानिए अब कैसे होने जा रहा राजफाश, किसकी चली, कौन हुआ फिसड्डी !


धनबाद (DHANBAD) : धनबाद भाजपा में उठे सक्रिय सदस्यों का विवाद अभी भी बरकरार है. इस बीच 24 घंटे बाद यह साफ हो जाएगा कि धनबाद भाजपा में किसका होगा "राज". सूत्रों की माने तो धनबाद महानगर भाजपा और ग्रामीण भाजपा अध्यक्ष का नाम तय हो गया है. प्रदेश के निर्णय को धनबाद के "बीर" नहीं बदलवा सके. प्रदेश अपने निर्णय पर अड़ा रहा. यहां यह कहना और अप्रासंगिक नहीं होगा कि पिछली बार जब महानगर अध्यक्ष पद पर श्रवण राय की नियुक्ति हुई थी, तो धनबाद भाजपा के कई बड़े नेताओं ने कार्यकर्ताओं की पीठ पर हाथ रखकर विरोध कराया था. पुतला फूंका गया था, सभा की गई थी. उसे समय तो आंदोलन करने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, लेकिन उसका खामियाजा ऐसे लोगों को सक्रिय सदस्यता होल्ड पर होने का भुगतना पड़ रहा है.
सांसद प्रतिनिधि महानगर अध्यक्ष पद के प्रबल दावेदार थे,अब निराशा
सांसद प्रतिनिधि महानगर अध्यक्ष पद के प्रबल दावेदार थे. इसके लिए धनबाद से रांची और फिर दिल्ली तक लॉबिंग की गई. लेकिन लॉबिंग काम नहीं आई. महानगर अध्यक्ष पद पर फिर से श्रवण राय ही रिपीट होंगे, ऐसा सूत्रों का दावा है. कहा जा रहा है कि सब कुछ तय हो गया है. घोषणा मात्र एक औपचारिकता है. गुरुवार दोपहर बाद चुनाव प्रक्रिया शुरू होगी. धनबाद महानगर भाजपा अध्यक्ष का चुनाव दोपहर 1:00 बजे से 3:00 तक तथा ग्रामीण भाजपा अध्यक्ष का चुनाव 3:00 बजे से 5:00 बजे के बीच होगा. इस मौके पर झारखंड बीजेपी के महामंत्री और राज्यसभा सदस्य प्रदीप वर्मा भी मौजूद रहेंगे. ग्रामीण भाजपा अध्यक्ष पद पर घनश्याम ग्रोवर की जगह पर मोहन कुंभकार का चयन कर लिया गया है. सिर्फ घोषणा बाकी है.
धनबाद भाजपा में महानगर अध्यक्ष पद पर खूब हुई सियासत
उल्लेखनीय है कि धनबाद भाजपा में महानगर अध्यक्ष पद को लेकर खूब सियासत हुई. जिनकी सक्रिय सदस्यता होल्ड पर रखी गई है, उनमें सांसद ढुल्लू महतो, विधायक रागिनी सिंह, विधायक शत्रुघ्न महतो के समर्थक भी बताए जाते है. माना जा रहा है कि झारखंड प्रदेश में एक मजबूत पदाधिकारी के रिश्ते सांसद ढुल्लू महतो और विधायक रागिनी सिंह से अच्छे नहीं है. इस वजह से इन लोगों की नहीं चली है. कहा जा रहा है कि एक बार फिर महानगर अध्यक्ष के चयन में विधायक राज सिन्हा की चली है. राज सिन्हा के सम्बन्ध उस पदाधिकारी से मधुर बताये जाते है. सच्चाई चाहे जो भी हो लेकिन श्रवण राय अगर रिपीट हुए, तो यह धनबाद भाजपा में एक नई राजनीति की शुरुआत होगी.
रिपोर्ट-धनबाद ब्यूरो
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