TNP SPECIAL: बीसीसीएल में संचालित आउटसोर्सिंग कंपनियों पर धीरे धीरे ही सही कसने लगा शिकंजा, जानिए कैसे 

    TNP SPECIAL: बीसीसीएल में संचालित आउटसोर्सिंग कंपनियों पर धीरे धीरे ही सही कसने लगा शिकंजा, जानिए कैसे 

    धनबाद(DHANBAD): कोयला चोरों के आगे घुटने टेक कर अबतक काम करने वाली बीसीसीएल में संचालित आउटसोर्सिंग  कंपनियों की सुरक्षा जिम्मेवारी तय कर दी गई है. बीसीसीएल के उच्च प्रबंधन के साथ हुई बैठक में यह निर्णय हुआ है कि  कोयला चोरों को रोकने की आउटसोर्सिंग कंपनियों पर प्राथमिक जिम्मेदारी होगी. बीसीसीएल के सीएमडी ने साफ शब्दों में कहा कि एनआईटी की शर्तों के अनुसार सुरक्षा की जो जिम्मेवारी है, उसे आउटसोर्सिंग कंपनियों को हर हाल में पूरा करना होगा. इसके साथ ही यह भी निर्णय हुआ कि बुधवार यानी आज से बीसीसीएल में चल रही 26 आउटसोर्सिंग पैच का सुरक्षा ऑडिट  शुरू होगा. एक  सप्ताह के भीतर पूरा कर इसकी रिपोर्ट देनी होगी. 

    आज से शुरू किया गया है सुरक्षा ऑडिट 

    एरिया के जीएम, सीआईएसएफ, नोडल अफसर सहित अन्य सुरक्षा ऑडिट  करेंगे. अब तक होता था कि आउटसोर्सिंग कंपनियां कोयला चोरों को रोकने की कोई कोशिश नहीं करती थी. सूत्र तो यह भी  बताते हैं कि कोयला चोरों को कुछ समय निर्धारित कर दिया जाता है  कि उसी समय वह आए और शांति पूर्वक कोयला लेकर चले जाए. इससे बीसीसीएल को तो नुकसान होता ही है , लेकिन आउटसोर्स  कंपनियां बाधारहित उत्पादन कर अपनी गोटी लाल कर रही थी. हालांकि बीसीसीएल के इस निर्णय पर बैठक में ही आउटसोर्सिंग कंपनियों ने अपनी प्रतिक्रिया दी. कहा गया कि सैकड़ों की संख्या में कोयला चोर आउटसोर्सिंग कंपनियों में प्रवेश करते हैं, विरोध करने पर हमला कर देते हैं, इनको रोकने के लिए सुरक्षा प्रबंध की आवश्यकता है. 

    फोटोग्राफी,वीडियोग्राफी कराएं, पुलिस को सूचना दें  
     
    कंपनी प्रबंधन ने साफ कहा कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ड्रोन  से फोटोग्राफी कराएं, वीडियोग्राफी कराएं और उस आधार पर थाने में नामजद प्राथमिकी दर्ज कराये. आउटसोर्सिंग कंपनियां सुरक्षा की प्राथमिक जिम्मेदारी निभाए और साथ ही साथ पुलिस और सीआईएसएफ को इसकी सूचना दे. थाने में एफ आई आर हर हाल में कराइ  जाए ,आउटसोर्सिंग कंपनियों का रोना था कि प्रोजेक्ट के आसपास की बस्तियों में रहने वाले तथा कब्जे धारी कोयला लेने के लिए आते हैं, इन्हें  आसपास से हटा देना चाहिए. प्रोजेक्ट से कोयला चोरी कर यह  लोग बड़े-बड़े कोयला तस्करों को बेचते है. अब देखना है कि इस निर्णय के बाद आउटसोर्सिंग कंपनियां कैसे कोयले को निकालती है. 4 दिन पहले उपायुक्त की अध्यक्षता में मैराथन बैठक हुई थी, जिसमें बीसीसीएल को सुरक्षा ऑडिट  करने को कहा गया था. संभवत इसी  के बाद बीसीसीएल इस दिशा में सक्रिय हुई है. इधर, जानकारी मिली है कि कोयला चोरी , तस्करी के खिलाफ सीआईएसएफ ब्लू प्रिंट तैयार कर रहा है. 

    6 अप्रैल को सीआईएसएफ के ए डी ज़ी  2 दिनों के दौरे पर बीसीसीएल आ रहे
     
    6 अप्रैल को सीआईएसएफ के ए डी ज़ी  2 दिनों के दौरे पर बीसीसीएल आ रहे है. बीसीसीएल प्रबंधन और प्रशासन के साथ बैठक करेंगे. सीआईएसफ के साथ तो बैठक होगी ही. हो सकता है कि कोयला चोरी के कई संवेदनशील इलाकों का दौरा करे. सूत्र बताते हैं कि सीआईएसएफ की गोली से 4 लोगों के मरने के बाद जवान बैकफुट पर दिख रहे है. धनबाद में कोयला चोरी की गूंज धनबाद से लेकर  कोलकाता होते हुए दिल्ली पहुंची है. कोल इंडिया मुख्यालय भी कोयला चोरी रोकने के लिए चिंतित है. देखना है हाल के दिनों में लगातार हो रही बैठकों का क्या नतीजा निकलता है और कोयला चोरी और तस्करी कराने वालों पर कितना लगाम लग पाता है.अगर यह सब हुआ तो धनबाद पुलिस का भी खेल बिगड़ सकता है. अब फेंका -फेंकी का खेल नहीं चल सकता है.

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 


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