गैंग्स ऑफ़ वासेपुर के खिलाफ धनबाद पुलिस ने खोल दिया नेटवर्क का मुंह, तो दो छापे में क्या -क्या खुले राज!


धनबाद(DHANBAD) | 4 नवंबर के बाद 12 जनवरी को भी. धनबाद पुलिस गैंग्स ऑफ़ वासेपुर के आर्थिक तंत्र को तोड़ने के लिए लगातार दमदार करवाई कर रही है. गैंग्स ऑफ़ वासेपुर के "स्लीपर सेल" बने कारोबारियों की कुंडली खंगाली जा रही है. ताबड़तोड़ छापे मारे जा रहे है. रेड में जमीन के डीड ,नगद और जमीन एग्रीमेंट पेपर बरामद हो रहे है. अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि जिन जमीन की खरीद- बिक्री अथवा एग्रीमेंट हुए हैं, वह धमकी देकर हुए हैं अथवा स्वेच्छा से खरीद- बिक्री की गई है. 4 नवंबर 2025 को की गई पुलिस की छापेमारी में भी सत्तर डीड बरामद हुए थे. मतलब साफ है कि गैंग्स ऑफ़ वासेपुर रंगदारी के पैसे को सफेद बनाने का "खेल" खेल रहा है.
4 नवंबर को 14 ठिकानो पर तो 12 को 12 रेड
सूत्रों के अनुसार 4 नवंबर को गैंग्स ऑफ़ वासेपुर के 14 ठिकानों पर छापेमारी हुई थी. यह गैंग्स के खिलाफ पहली बड़ी कार्रवाई थी. चार को पुलिस ने जेल भेजा था. नगदी भी बरामद हुए थे. साथ में 70 जमीन से जुड़े दस्तावेज जब्त किए गए थे. हथियार भी बरामद हुए थे. चेक बुक भी जब्त किए गए थे. इधर, 12 जनवरी की कार्रवाई के संबंध में धनबाद पुलिस का कहना है कि प्रिंस खान व उसके गुर्गो के आर्थिक स्रोत, शूटर व समर्थक नेटवर्क और हथियार खरीद -बिक्री चैनल को धवस्त करने के लिए लगातार कार्रवाई जारी है. वासेपुर ,भूली सहित 12 ठिकानों पर छापेमारी की गई है. 40 जमीन खरीद -बिक्री से जुड़े डीड , एग्रीमेंट और सवा दो लाख रुपये नगद , 10 मोबाइल जब्त किए गए है. पांच संदिग्ध को हिरासत में लिया गया है. पुलिस की जांच अभी चल रही है. गैंग्स के खिलाफ धनबाद पुलिस में आर- पार की कार्रवाई शुरू की है. गैंग्स के पोषक और सहयोगी पुलिस की कार्रवाई की जद में आ रहे है.
कड़ाके की ठंड में धनबाद पुलिस थी सड़क पर
बता दे कि सोमवार की सुबह धनबाद में हलचल थी. सुबह 5:00 बजे से ही धनबाद पुलिस रेस थी. बैंक मोड़ थाना क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में पुलिस की सक्रियता तेज थी. लोग कुछ समझ नहीं पा रहे थे. कड़ाके की ठंड में पुलिस टीम एक साथ गैंग्स ऑफ़ वासेपुर के "स्लीपर सेलों" के 12 ठिकानों पर छापेमारी की थी. गैंग्स ऑफ़ वासेपुर की करतूत से अब केवल धनबाद ही नहीं बल्कि रांची ,जमशेदपुर ,पलामू इलाका भी दहशत में है. कारोबारियों को लगातार रंगदारी के लिए धमकी दी जा रही है. खोपड़ी खोलने की बात की जा रही है. इधर, धनबाद पुलिस ने अपने नेटवर्क का मुंह खोल दिया है और जानकारियां जुटा कर लगातार छापेमारी कर रही है. आर्थिक तंत्र पर चोट कर रही है.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
4+