कैरव गाँधी अपहरण कांड : केवल झारखंड ही नहीं ,आखिर क्यों बिहार पुलिस के लिए भी बड़ा चैलेंज !
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धनबाद(DHANBAD) : जमशेदपुर के युवा उद्यमी कैरव गाँधी के अपहरण का शक बिहार गैंग पर है. अगर ऐसा है, तो यह बिहार और झारखंड पुलिस के लिए बहुत बड़ी चुनौती है. जमशेदपुर के युवा उद्यमी कैरव गांधी के अपहरण मामले में पुलिस की सात टीम अलग-अलग राज्यों में छापेमारी कर रही है. लेकिन पुलिस को अभी कोई सफलता नहीं मिली है. इस मामले में अंतर प्रांतीय प्रोफेशनल गिरोह पर पुलिस को शक है.खासकर बिहार के गैंग पर, जिस तरह से घटना को अंजाम दिया गया है, उससे ऐसा लगता है कि किसी बड़े गिरोह ने घटना को अंजाम दिया है. पुलिस को उलझाने के लिए कई तरीके अपनाये गए हैं. कैरव गाँधी का मोबाइल लोकेशन सोनारी के आदर्श नगर में मिला है, जबकि उनकी कार शहर के दूसरी दिशा में चांडिल से बरामद हुई है. मतलब साफ है कि चांडिल के रास्ते उन्हें बाहर ले जाया गया है.
"क्विक शिफ्ट" कर दूसरे वाहन से ले जाया गया है कैरव गाँधी को
कार में चाबी का लगा होना, इस बात की पुष्टि करता है कि कैरव गाँधी को किसी दूसरे वाहन में "क्विक शिफ्ट" कर ले जाया गया. फिरौती मांगने के लिए इंटरनेशनल व्हाट्सएप नंबर का उपयोग किया गया. जानकारी के अनुसार कैरव गांधी के सकुशल बरामदगी के लिए झारखंड पुलिस ने अपनी पूरी ताकत लगा दी है. पुलिस की सात अलग-अलग टीम झारखंड के अलावा बिहार, बंगाल और ओड़िशा में छापेमारी कर रही है. लेकिन अभी तक कोई सुराग हाथ नहीं लगे है. इस बीच यह भी जानकारी निकल कर आ रही है कि कैरव गांधी के अपहरण के तार बिहार के हाजीपुर और लालगंज से जुड़ रहा है. पुलिस ने जांच तेज कर दी है और झारखंड की पुलिस टीम ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है. वहीं लोकल इनपुट के आधार पर एसआईटी ने गुरुवार की शाम को जमशेदपुर से एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है. यह उस गैंग के संपर्क में बताया जाता है. इसके अलावा पुलिस कई एंगल से जांच कर रही है. फिलहाल बिहार और झारखंड में उद्योगपतियों को आकर्षित करने के लिए कार्यक्रम किये जा रहे है.
झारखंड की यह घटना सबको चौंका रही है ,पानी पीट रही पुलिस
झारखंड के मुख्यमंत्री विदेश दौरे पर है. ऐसे में जमशेदपुर के युवा उद्यमी का अपहरण चुनौती बन गया है. वैसे भी झारखंड के जमशेदपुर में उत्तर प्रदेश सहित बिहार के अपराधियों के शरण लेने की खबरें लगातार आती रही है. कुछ महीने पहले उत्तर प्रदेश के कुख्यात अपराधी का जमशेदपुर में एनकाउंटर भी हुआ था. पुलिस अपनी ताकत झोंक दी है. इधर, इस घटना ने धनबाद सहित जमशेदपुर और समूचे झारखंड के उद्यमियों को झकझोर दिया है. रंगदारी के लिए फायरिंग की घटनाएं झेल रहे कारोबारी अब अपहरण की घटना से चिंतित और व्यथित है. रांची से लापता दो बच्चों की बरामदगी के बाद झारखंड पुलिस को शाबाशी मिल रही थी, लेकिन अपहरण की घटना अब पुलिस के लिए बहुत बड़ी चुनौती बन गई है. परिवार परेशान है.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
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