झारखंड में अवैध निर्माण पर कोर्ट सख्त, रांची के बाद रामगढ़ में 222 एकड़ जमीन से हटा अतिक्रमण

    झारखंड में अवैध निर्माण पर कोर्ट सख्त, रांची के बाद रामगढ़ में 222 एकड़ जमीन से हटा अतिक्रमण

    टीएनपी टेस्क(TNP DESK): राज्य में अवैध कब्जों के खिलाफ कोर्ट का एक्शन सख्त दिख रहा है. रांची से लेकर रामगढ़ तक अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोजर चलाए जा रहे हैं. अवैध कब्जा वाले जमीन पर बसे घरों को जमीनदोज किया जा रहा है. लोगों के आंखों के सामने उनके घर टूट रहे है. अपने घरों को बचाने की गुहार लगा रहे है.  रो रहे है बिलख रहे है. और प्रशासन से गुहार लगा रहे है. कि वो उनके घरों को ना तोड़े.

    रांची: कई लोगों के उजड़ गए घर

    राजधानी रांची के सुखदेव नगर थाना क्षेत्र में जब प्रशासन अतिक्रमण हटाने पहुंचा, तो माहौल बेहद भावुक हो गया. वर्षों से रह रहे परिवारों के घरों पर बुलडोजर चलने लगे. न्यूज पोस्ट की टीम जब मौके पर पहुंची, तो कई लोग आंसू बहाते नजर आए. एक महिला ने बताया कि 25 फरवरी को उसकी बेटी की शादी है और तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी थीं. घर टूटने से पूरा परिवार संकट में आ गया है. महिला ने कहा कि उन्होंने प्रशासन से शादी तक मोहलत देने की गुहार लगाई, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई. परिवार का कहना है कि अब समझ में नहीं आ रहा कि शादी की व्यवस्था कैसे होगी. स्थानीय लोगों का कहना है कि वे कई वर्षों से वहां रह रहे थे और अचानक की गई कार्रवाई ने उन्हें असमंजस में डाल दिया है. प्रशासन की ओर से हालांकि इसे अवैध कब्जा हटाने की नियमित प्रक्रिया बताया गया है.

    रामगढ़: 96 क्वार्टर हुए जमींदोज

    वहीं रामगढ़ जिले के पतरातू स्थित जनता नगर में भी बड़ी कार्रवाई की गई. यहां बसे 96 क्वार्टरों को ध्वस्त कर दिया गया. झारखंड हाई कोर्ट के सख्त रुख के बाद जिला प्रशासन ने यह कदम उठाया. रामगढ़ एसडीओ के नेतृत्व में भारी पुलिस बल की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाया गया. स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे वर्षों से इस जमीन पर रह रहे थे नोटिस मिलने के बाद लोगों ने बड़कागांव विधायक रोशन लाल चौधरी से संपर्क किया. विधायक ने प्रशासन से कुछ समय की मोहलत देने की अपील की. उन्होंने कहा कि कई परिवारों में गर्भवती महिलाएं हैं, बच्चों की पढ़ाई चल रही है, ऐसे में कुछ दिनों का समय दिया जाना चाहिए ताकि लोग वैकल्पिक व्यवस्था कर सकें.

    प्रशासन का पक्ष

    प्रशासन का रुख स्पष्ट है. अधिकारियों के अनुसार संबंधित जमीन सरकार द्वारा JIADA (जियाडा) को हस्तांतरित की जा चुकी है. कोर्ट के आदेश के तहत ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है. एसडीओ ने कहा कि कानून के अनुसार ही प्रक्रिया पूरी की जा रही है और सरकारी जमीन को खाली कराना अनिवार्य है.


    the newspost app
    Thenewspost - Jharkhand
    50+
    Downloads

    4+

    Rated for 4+
    Install App

    Our latest news