टीएनपी डेस्क(TNP DESK):आजकल के दौर में क्रेडिट कार्ड रखना कोई बड़ी बात नहीं रह गई है.आज ज्यादातर लोगों के पास अपना क्रेडिट कार्ड होता है. यह सिर्फ एक सुविधा नहीं, बल्कि लोगों की जरूरत बन चुका है. ऑनलाइन शॉपिंग करनी हो, होटल बुक करना हो, मेडिकल खर्च उठाना हो या फिर किसी इमरजेंसी में पैसों की जरूरत पड़ जाए, क्रेडिट कार्ड हर समय काम आता है. क्रेडिट कार्ड से आप अपनी तय लिमिट तक खर्च कर सकते है.ऐसे में बहुत से लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि आखिर बैंक किस आधार पर क्रेडिट कार्ड देता है और किसे देता है.
सैलरी के साथ-साथ चीजें भी जरूरी
कई लोगों को लगता है कि बैंक सिर्फ सैलरी देखकर क्रेडिट कार्ड जारी करता है या उसी के आधार पर उसकी लिमिट तय करता है, लेकिन ऐसा पूरी तरह सही नहीं है.असल में बैंक सिर्फ आपकी सैलरी नहीं, बल्कि आपका पूरा वित्तीय रिकॉर्ड चेक करता है.आसान भाषा में कहें तो बैंक यह जानना चाहता है कि आपने पहले कभी किसी बैंक से लोन या उधार लिया है तो उसे समय पर चुकाया है या नहीं. इसी के आधार पर आपका सिबिल स्कोर तैयार होता है.
क्रेडिट कार्ड के लिए कितना सिविल स्कोर जरूरी
सिबिल स्कोर एक तरह का वित्तीय रिकॉर्ड होता है, जो बताता है कि आप कर्ज चुकाने में कितने जिम्मेदार है.अगर किसी व्यक्ति का सिबिल स्कोर 750 या उससे ज्यादा है, तो बैंक से क्रेडिट कार्ड मिलना काफी आसान हो जाता है.वहीं, अगर आपका सिबिल स्कोर खराब है तो बैंक आपका आवेदन रिजेक्ट भी कर सकता है यानी क्रेडिट कार्ड पाने के लिए सिर्फ सैलरी ही नहीं, बल्कि अच्छा सिबिल स्कोर भी बहुत जरूरी होता है.
बहुत से लोग सोचते हैं कि कम कमाई होने पर उन्हें कभी क्रेडिट कार्ड नहीं मिलेगा, लेकिन यह पूरी तरह सही नहीं है. कई बैंक कम सैलरी वाले लोगों को भी बेसिक या एंट्री लेवल क्रेडिट कार्ड दे देते है.हालांकि, इसके लिए बैंक आपके बैंक खाते में होने वाले नियमित लेनदेन और वित्तीय गतिविधियों को भी देखता है. अगर आपका ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड अच्छा है, तो आपको आसानी से क्रेडिट कार्ड मिल सकता है.
क्रेडिट कार्ड लेने से पहले इन बातों का रखें ख्याल
इसके अलावा कई लोग बिना आय प्रमाण पत्र के भी क्रेडिट कार्ड हासिल कर लेते है. इसके पीछे फिक्स्ड डिपॉजिट आधारित क्रेडिट कार्ड का विकल्प होता है. इसमे ग्राहक बैंक में एक निश्चित राशि जमा करता है और उसी के आधार पर बैंक उसे क्रेडिट कार्ड जारी कर देता है. ऐसे कार्ड उन लोगों के लिए काफी मददगार साबित होते हैं, जो पहली बार अपना सिबिल स्कोर बनाना चाहते है.हालांकि, क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल जितना आसान लगता है, उतनी ही जिम्मेदारी से इसका उपयोग करना जरूरी है.अगर समय पर बिल जमा नहीं किया गया तो भारी ब्याज और पेनाल्टी का सामना करना पड़ सकता है.
इस वजह से ख़राब हो सकता है क्रेडिट स्कोर
लगातार बिल लेट होने पर आपका सिबिल स्कोर खराब हो सकता है, जिससे भविष्य में लोन लेने में परेशानी हो सकती है.इसलिए अगर आप क्रेडिट कार्ड लेने की सोच रहे हैं, तो सिर्फ ऑफर और लिमिट पर ध्यान न दें. अपनी जरूरत और भुगतान क्षमता को समझना भी बेहद जरूरी है.बैंक सिर्फ आपकी कमाई देखकर नहीं, बल्कि आपकी आर्थिक जिम्मेदारी और भरोसे के आधार पर ही क्रेडिट कार्ड जारी करता है.

