जब एक बाइक पर 4 लोगों को बैठे देख पसीज गया रतन टाटा का दिल, इस तरह बनी सबसे सस्ती कार Nano

    जब एक बाइक पर 4 लोगों को बैठे देख पसीज गया रतन टाटा का दिल, इस तरह बनी सबसे सस्ती कार Nano

    टीएनपी डेस्क(TNP DESK):जब परिवार बड़ा हो जाता है, तो सिर्फ एक बाइक से काम चलाना मुश्किल हो जाता है.पति-पत्नी और दो बच्चों के साथ सफर करना कई बार जोखिम भरा भी साबित होता है.हर इंसान का सपना होता है कि उसका अपना एक छोटा सा घर हो और परिवार के लिए एक कार हो, जिसमे वह सुरक्षित और आराम से सफर कर सके लेकिन एक समय ऐसा था जब देश के मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों के लिए कार खरीदना सिर्फ एक सपना माना जाता था.आज हम आपको Ratan Tata के जीवन से जुड़ा एक बेहद दिलचस्प और भावुक किस्सा बताने जा रहे हैं, जिसने दुनिया की सबसे सस्ती कार Tata Nano को जन्म दिया.

    बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है रतन टाटा का नाम

    जब भी देश में ईमानदारी, समाज सेवा और सादगी की बात होती है, तो सबसे पहले Ratan Tata का नाम जरूर लिया जाता है.अरबों की संपत्ति होने के बावजूद रतन टाटा हमेशा जमीन से जुड़े रहे.उनका लगाव सिर्फ कारोबार तक सीमित नहीं था, बल्कि देश के हर आम नागरिक से था उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, गरीबों की मदद और देश के विकास में हमेशा खुलकर योगदान दिया.यही वजह है कि आज भले ही वह इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन लोग उन्हें बेहद सम्मान और प्यार से याद करते है.

    एक नेक सपना और बन गई दुनिया की सबसे सस्ती कार

    रतन टाटा का एक सपना था देश का हर वह परिवार, जो सिर्फ बाइक खरीद सकता है, वह एक दिन कार में भी सफर करे.वह चाहते थे कि मध्यम वर्गीय परिवार भी सुरक्षित और सम्मान के साथ अपने बच्चों के साथ यात्रा कर सके.दरअसल, इस सपने के पीछे एक ऐसा वाकया था जिसने रतन टाटा को अंदर तक झकझोर दिया था.एक दिन वह अपनी कार से कहीं जा रहे थे. तभी उनकी नजर एक बाइक पर बैठे पूरे परिवार पर पड़ी। तेज बारिश हो रही थी. बाइक चला रहा व्यक्ति अपने परिवार को बचाने की कोशिश कर रहा था.आगे छोटा बच्चा बैठा था, पीछे उसकी पत्नी और गोद में एक और बच्चा था.पूरा परिवार बारिश और खतरे के बीच किसी तरह सफर कर रहा था.यह दृश्य देखकर रतन टाटा काफी भावुक हो गए.उसी समय उनके मन में विचार आया कि अगर ऐसी कार बनाई जाए, जिसकी कीमत एक बाइक के आसपास हो और जिसे आम आदमी भी खरीद सके, तो लाखों परिवारों का सपना पूरा हो सकता है.

    कई साल की कड़ी मेहनत के बाद पूरा हुआ रतन टाटा का सपना

    बस यहीं से शुरू हुई Tata Nano की कहानी.Tata Motors ने कई सालों की मेहनत और रिसर्च के बाद साल 2008 में Nano को लॉन्च किया. इसकी सबसे बड़ी खासियत इसकी कीमत थी.करीब 1 लाख रुपये की शुरुआती कीमत में लॉन्च हुई यह कार दुनिया की सबसे सस्ती कार बन गई.Nano को खास तौर पर मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया था छोटी लेकिन आरामदायक इस कार में पति-पत्नी और दो बच्चे आसानी से सफर कर सकते थे. यह सिर्फ एक कार नहीं थी, बल्कि करोड़ों लोगों के सपनों को सच करने की कोशिश थी.

    Tata Nano ज्यादा समय तक सफल नहीं रह सकी

    हालांकि बाजार में Tata Nano ज्यादा समय तक सफल नहीं रह सकी, लेकिन आज भी यह कार Ratan Tata की सोच और इंसानियत की सबसे बड़ी मिसाल मानी जाती है.रतन टाटा सिर्फ एक बड़े बिजनेसमैन नहीं थे, बल्कि वह ऐसे इंसान थे जो देश के हर परिवार को सुरक्षित और बेहतर जिंदगी देना चाहते थे. यही कारण है कि आज भी लोग उन्हें गरीबों का मसीहा और भारत का सबसे नेकदिल उद्योगपति मानते है.



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