व्हाट्सएप और स्नैपचैट के जरिए नाबालिग लड़कियों को झांसे में लेकर बनाए 350 अश्लील वीडियो, यहीं नहीं रुकी हैवानियत और.....

    व्हाट्सएप और स्नैपचैट के जरिए नाबालिग लड़कियों को झांसे में लेकर बनाए 350 अश्लील वीडियो, यहीं नहीं रुकी हैवानियत और.....

    टीएनपी डेस्क (TNP DESK): डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल जितना कामगार है उतना ही खतरनाक भी हो सकता है. आजकल इन्हीं प्लेटफॉर्म के जरिए मासूम नाबालिग लड़कियों को निशाना बनाया जा रहा है. ऐसा ही एक मामला सामने आया है महाराष्ट्र के अमरावती जिले से जिसने पूरे प्रदेश में हड़कंप मचा रखा है. डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए मासूम लड़कियों को निशाना बनाकर किए गए इस संगीन अपराध ने न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज कर दी है. मामले की गंभीरता को देखते हुए अब इसकी निष्पक्ष और गहराई से जांच की मांग उठ रही है. 

    पुलिस के मुताबिक, मोहम्मद अयाज नाम के एक युवक को गिरफ्तार किया गया है, जिस पर आरोप है कि उसने सोशल मीडिया ऐप्स, खासकर व्हाट्सएप और स्नैपचैट के माध्यम से नाबालिग लड़कियों से संपर्क साधा और उन्हें बहलाकर अपने जाल में फंसाया. शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी ने करीब 180 लड़कियों का यौन शोषण किया और 350 से अधिक आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड किए. पुलिस ने उसका मोबाइल फोन जब्त कर लिया है, जिसमें भारी मात्रा में संवेदनशील सामग्री पाई गई है. फिलहाल आरोपी को सात दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा गया है. 

    पुलिस की कार्रवाई में अब तक कुछ अन्य पीड़ितों की पहचान भी हुई है, जिनमें कई महिलाओं के फोटो और वीडियो बरामद किए गए हैं. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि इस संवेदनशील मामले में अफवाहों से बचें और जांच में सहयोग करें. फिलहाल पुलिस आरोपी के डिजिटल नेटवर्क और संपर्कों की गहन पड़ताल कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस अपराध में और कौन-कौन शामिल है. 

    जांच एजेंसियां अब इस मामले को सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित मानकर नहीं चल रहीं, बल्कि इसे एक संभावित संगठित नेटवर्क के रूप में भी खंगाल रही हैं. साइबर एक्सपर्ट्स की मदद से आरोपी के मोबाइल, सोशल मीडिया अकाउंट्स और क्लाउड डेटा की फॉरेंसिक जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं ये आपत्तिजनक वीडियो अन्य प्लेटफॉर्म्स पर साझा या बेचे तो नहीं गए. इसके साथ ही पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी के साथ और लोग जुड़े थे, जो लड़कियों को फंसाने या कंटेंट फैलाने में उसकी मदद कर रहे थे. इस पूरे घटनाक्रम ने अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है और बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.



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