मैं तुमसे बोर हो चुका हूँ ! अगर बिना वजह छोड़ रहा है पति, तो क्या कर सकती है पत्नी, पढ़ें कानूनी अधिकार

    मैं तुमसे बोर हो चुका हूँ ! अगर बिना वजह छोड़ रहा है पति, तो क्या कर सकती है पत्नी, पढ़ें कानूनी अधिकार

    टीएनपी डेस्क(TNP DESK):हिंदू धर्म में विवाह एक ऐसा पवित्र बंधन है जो सात जन्मों के लिए जोड़ा जाता है. विवाह को एक संस्कार के रूप में देखा जाता है, जहां अगर एक बार किसी की शादी हो गई तो जीवन भर उसका निर्वाह करने की परंपरा है लेकिन बदलते दौर के साथ शादी को लेकर भी लोगों का कॉन्सेप्ट चेंज हुआ है.गंदी मानसिकता अवैध संबंध या घरेलू हिंसा की वजह से कभी-कभी रिश्ते टूट जाते है ऐसे में महिला कहीं की भी नहीं रहती हैं यदि महिला कामकाजी नहीं है तो उसके आगे आर्थिक संकट सबसे पहले बड़ी परेशानी बन जाती है.ऐसे में चलिए जान लेते हैं अगर कोई महिला का पति उसे बिना किसी वजह के छोड़ रहा है तो उसके कानूनी अधिकार क्या है.

    महिलाओं को अपने अधिकारों के बारे में जरूर जानना चाहिए

    आपको बता दे कि बदलते दौर के साथ लोगों की सोच बदली है कुछ लोग पढ़ लिखकर अच्छे बने हैं तो कुछ लोग आधुनिक सुविधाओं का उपयोग करके बर्बाद हो रहे है.शादी विवाह एक ऐसा पवित्र बंधन है जो पूरे सात जन्मों तक निभाया जाता है लेकिन आजकल के दौर में लोग पति पत्नी को ही धोखा दे रहे है.यदि कोई महिला कामकाजी नहीं है और घर में दिन भर मेहनत करती है घर संभालती है तो लोग उसे बेकार समझते है और कुछ पुरुष ऐसे है जो बाहर अवैध संबंध भी रखते है ऐसे में पत्नी की बेइज्जती करना गाली देना उससे बेवफाई आम बात हो गई है.ऐसे में अब सवाल उठता है कि अगर कोई पति बिना वजह अपनी पत्नी को छोड़ रहा है तो वह मजबूर पत्नी कानूनी तौर पर किस तरीके से अपना हक वापस ले सकती है.

    बिना वजह छोड़े पति तो वापस लें अपना अधिकार

    आपको बता दें कि अगर आपके साथ भी ऐसा कुछ हो रहा है आपका पति बिना वजह आपको छोड़ रहा है तो आप भारतीय दंड संहिता की धारा 498 (ए) पति और उसके नातेदारों द्वारा की जाने वाली क्रूरता के विरुद्ध एक्शन ले सकती है और अपना हक भी वापस पा सकती है साथ ही उन्हें सजा भी दिला सकती है.जिसमे सबसे पहले आपको थाने में जाकर एफआईआर दर्ज करवानी है. इस धारा के अंतर्गत यदि कार्यवाही होती है और पति दोषी पाया जाता है तो उसको कम से कम 7 वर्ष तक कि जेल की सजा हो सकती है.

    अपने मायके से भी एफआईआर दर्ज करवा सकती है महिला

    यदि किसी महिला को उसके पति ने मारपीट कर घर से बाहर निकाल दिया है और दोबारा घर वापस नहीं लेकर जा रहा है तो ऐसी स्थिति महिला पुलिस थाने जाकर इसकी शिकायत कर सकती है. दंड प्रक्रिया सहिंता, 1973 (CRPC) की धारा 154 के अंतर्गत एफआईआर (FIR) करवाई जा सकती है.महिला के लिए सबसे जरूरी और सुविधा वाली बात यह है कि जहां आपका पति रहता है उसी थाने क्षेत्र में ही एफआईआर दर्ज करवाना जरूरी नहीं है आप अपने मायके में भी जीरो एफआईआर दर्ज करवा सकती है.हिंदू मैरिज एक्ट, 1955 की धारा-9 किसी घर से निकाली गई महिला को यह अधिकार देती है कि वह एक अर्जी अदालत में लगाकर अपने पति के घर वापस भेजे जाने का निवेदन कर सकती है.

    इस तरह शादी को तोड़ने से बचाता है कानून

    कई बार ऐसा देखा जाता है कि महिला और पुरुष एक दूसरे के साथ नहीं रहना चाहते हैं, कोर्ट ऐसी स्थिति है कि उनके तलाक की अर्जी को मंजूर करता है लेकिन कई परिस्थितयों में देखा जाता है कि पत्नी तो साथ में रहना चाहती है लेकिन पति उसे साथ नहीं रखना चाहता है.ऐसी स्थिति में अगर पत्नी अपने पति के घर वापस जाना चाहती है तो हिंदू विवाह अधिनियम,1955 की धारा-9 के अंतर्गत आवेदन देकर अपने पति के घर वापस जा सकती है.इस अधिनियम में धारा 9 के होने के कारण अनेक टूटते हुए संबंधों को बचाया गया है. विवाह को बिगड़ने के पहले ही बचाया जाए इसके लिए हिन्दू विवाह अधिनियम में व्यवस्था की गई है.


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