बंगाल से बड़ी राजनीतिक खबर: भवानीपुर से हारी ममता बनर्जी क्यों नंदीग्राम का रुख करेंगीं,फिर क्या होगा

    बंगाल से बड़ी राजनीतिक खबर:  भवानीपुर से हारी ममता बनर्जी क्यों नंदीग्राम का रुख करेंगीं,फिर क्या होगा

    TNP DESK- देश की नजर फिलहाल बंगाल पर टिकी हुई है.  विशेष कर पूर्व सीएम ममता बनर्जी पर.  मुख्यमंत्री की शपथ लेने के बाद शुभेंदु अधिकारी लगातार बड़े-बड़े फैसले ले रहे हैं.  तृणमूल  कांग्रेस के नेता भी सरकार के निशाने पर हैं.  ऐसे में सबकी नजर ममता बनर्जी पर टिक गई है कि  पार्टी को "बचाने" के लिए उनका अगला कदम क्या हो सकता है? इस बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि ममता बनर्जी नंदीग्राम से उपचुनाव लड़ सकती हैं.  इसके संकेत लगातार मिल रहे हैं.  दरअसल, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी 2026 के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम और भवानीपुर दो सीटों से विजई हुए.  फिर उन्होंने नंदीग्राम सीट छोड़ दी.  उनकी सोच रही होगी कि भवानीपुर सीट  रखना उनके लिए इसलिए जरूरी है कि यह ममता बनर्जी का गढ़ माना जाता है.  

    ममता बनर्जी की छवि "स्ट्रीट फाइटर" की रही है 

    दरअसल, ममता बनर्जी की छवि "स्ट्रीट फाइटर" की हैं.  पार्टी के लोग संकेत दे रहे हैं कि बंगाल में तृणमूल कांग्रेस मजबूती से वापसी  करेगी।  ऐसे में ममता बनर्जी को पार्टी बचाकर रखना, पार्टी को एकजुट  रखना बड़ी चुनौती है.  उल्लेखनीय है कि बंगाल की राजनीति में नंदीग्राम वही  इलाका है, जो ममता बनर्जी को मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचाया.  वह भी 34 साल के लाल झंडे के शासन को खत्म करने के बाद.  दरअसल, 2007 में वाम  मोर्चा सरकार ने नंदीग्राम को एक विशेष आर्थिक क्षेत्र और केमिकल हब बनाने के लिए किसानो  की उपजाऊ जमीन का अधिग्रहण करने का प्रयास किया था.  ममता बनर्जी ने इस कदम का विरोध किया था और राज्यव्यापी आंदोलन खड़ा किया था. 
     
    नंदीग्राम और सिंदूर के किसान आंदोलन से बढ़ा राजनीतिक कद 
     
    नंदीग्राम और सिंदूर के किसान आंदोलन ने ममता बनर्जी को लोकप्रिय बना दिया।  और शायद यही वजह रही की 2011 में तृणमूल कांग्रेस भारी बहुमत से जीत हासिल की और 34 साल के वामपंथी शासन का अंत कर दिया।  वैसे, ममता बनर्जी सात बार की सांसद  और तीन बार की विधायक रही हैं.  वह बंगाल की एकमात्र महिला मुख्यमंत्री रही.  हालांकि जानकार बताते हैं कि 1989 में के लोकसभा चुनाव में जादवपुर सीट से  हार गई थी.  2021 के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गई थी.  2026 में वह भवानीपुर से भी चुनाव हार गई है.  जानकारी के अनुसार 2021 के विधानसभा चुनाव में वह लगभग 2000 वोटो से चुनाव हार गई थी.  फिर उन्हें भवानीपुर से उपचुनाव लड़कर विधायक बनना पड़ा था.  2026 के चुनाव में ममता बनर्जी भवानीपुर से भी हार गई है.  यह बात तो तय है कि बंगाल में तृणमूल कांग्रेस का भविष्य ममता बनर्जी  पर ही टिका है.  अब देखना है कि नंदीग्राम सीट से ममता बनर्जी उपचुनाव   लड़ती हैं अथवा नहीं, हालांकि पार्टी सूत्र यह संकेत दे रहे हैं कि वह उपचुनाव लड़ेगी और बंगाल में फिर से वापसी की कोशिश करेगी।  लेकिन यह सब भविष्य के गर्भ में है.



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