कानून मंत्री कार्तिकेय सिंह के विभाग बदलते ही भाजपा का सरकार पर आरोप, बचाव में राजद और कांग्रेस

    कानून मंत्री कार्तिकेय सिंह के विभाग बदलते ही भाजपा का सरकार पर आरोप, बचाव में राजद और कांग्रेस

    पटना(PATNA): महागठबंधन की सरकार में नीतीश कुमार के दबाव में तेजस्‍वी यादव को अपने कानून मंत्री को हटाना पड़ गया. बताते चलें, नई सरकार के मंत्रिमंडल विस्‍तार में बाहुबली विधायक अनंत सिंह के करीबी को कानून मंत्री बनाया गया था. जो कानून की धज्जियां उड़ाते नजर आए थे. कानून के फरमान से भाग कर शपथ लेते नजर आए थे. जिसकी वजह से जेडीयू की छवि खराब हो रही थी. महागठबंधन पर सवाल उठ रहे थे. जिसकी वजह कार्तिकेय सिंह को कानून मंत्री के पद से हटा दिया गया है. नीतीश कुमार ने कार्तिकेय सिंह (कानून मंत्री) के पद से हटाकर उन्हें गन्ना उद्योग विभाग दे दिया है. वहीं उनकी जगह शमीम अहमद को विधि मंत्री बना दिया है.  

    बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष  संजय जयसवाल ने साधा निशाना 

    कानून मंत्री के बदलने के बाद बिहार की राजनीति और तेज हो गई है.  जहां भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष संजय जयसवाल ने बिहार के मुख्यमंत्री पर हमला करते हुए कहा कि यह है बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का जीरो टॉलरेंस नीति. फसाते भी हम हैं और बचाते भी हम हैं. हम ही लालू को फंसा आएंगे हम ही तेजस्वी को फंसा आएंगे. हम ही अनंत सिंह को फंसा आएंगे हम ही आनंद मोहन सिंह कोफंसा आएंगे और जब आप मेरे शरण में आ जाइएगा तो हम ही बचाएंगे. इसी बचाने के तहत उन्होंने एक अपराधी को विधि मंत्री बनाया और उसको बचाते हुए अब गन्ना विभाग दे दिया गया. गन्ना विभाग के मंत्री को विधि मंत्री बना दिया गया. यह बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नई नीति है. आप कितने भी बड़े अपराधी हों तो हम ही आपको फर्जी केस के तहत जेल भी भिजवा सकते हैं और आपके व्यक्ति को विधि मंत्रालय देकर आप को जेल जाने से बचा सकते हैं.

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    राष्ट्रीय जनता दल के प्रवक्ता एजाज अहमद ने यह कहा 

    भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष संजय जयसवाल के हमलावर होते ही बिहार में महागठबंधन सरकार की हिस्सेदार राजद और कांग्रेस फ्रंट फुट पर आकर विधि मंत्री के ट्रांसफर मुद्दे पर बचाव में उतर गई है. राजद प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा कि यह बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार  का विशेष अधिकार है. इस मामले पर भारतीय जनता पार्टी को बोलने का कोई अधिकार नहीं है क्योंकि केंद्र सरकार में जो उनके मंत्री हैं केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी वह चार्जशीटेड हैं और उत्तर प्रदेश में राकेश सचान. जिनको इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कनविक्टेड किया है. वह अभी तक मंत्री बने हुए हैं. यह भारतीय जनता पार्टी की दोहरी नीति है.

    कांग्रेस प्रवक्ता कुंतल कृष्णा ने भी दी सफाई 

    इस मामले को लेकर राजद कार्तिकेय सिंह के बचाव में जैसे ही उतरी तो कांग्रेस पीछे कैसे रह सकती थी. कांग्रेस प्रवक्ता कुंतल कृष्णा ने भी कार्तिकेय सिंह का बचाव किया. कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री को विशेषाधिकार है कि वह अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों को कैसे रखते हैं. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने साथी दलों के साथ विचार-विमर्श करके अपने विशेषाधिकार का उपयोग किया है तो यह बिहार के हितों को ध्यान में रखते हुए किया गया है. अभी जो यूपी की सरकार बिहार में बनी है उसको लेकर संघ और भाजपा द्वारा जो दुष्प्रचार फैलाया जा रहा है जो प्रोपेगेंडा फैलाया जा रहा था उन सब पर पूर्ण विराम लगाते हुए मुख्यमंत्री और इस सरकार का सिर्फ एक ध्येय  है.  बिहार का विकास, बिहार के युवाओं के लिए रोजगार और हर बिहारी की जिंदगी में एक बेहतर दिन एक बेहतर कल.


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