बिहार के इस जिले में स्थित है 300 साल पुराना गुप्त काली मंदिर, जहां सालों भर जलती है अखंड ज्योति, पढ़ें इसका इतिहास  

    बिहार के इस जिले में स्थित है 300 साल पुराना गुप्त काली मंदिर, जहां सालों भर जलती है अखंड ज्योति, पढ़ें इसका इतिहास   

    पूर्णियां(PUNIYA):पूर्णियां के कस्बा में तीन सौ साल पुरानी गुप्त काली मंदिर अवस्थित है. कहते हैं कि माता सती के शरीर के 52 खंड में एक खंड यहां भी गिरा है. जिसकी वजह से इसे गुप्त काली मंदिर कहते हैं. जहां माता वैष्णो देवी की तरह गुफा बनाकर उसमे देवी देवताओं की प्रतिमा स्थापित की गई है.

    300 साल पुराना है गुप्त काली मंदिर

     वहीं 108 देवी देवताओं की प्रतिमा इस मंदिर में स्थापित है. गुप्त काली मंदिर के पुजारी शंकर पंडित ने कहा कि करीब 300 सालों से भी अधिक पुराना यह मंदिर है. यहां काली पूजा के मौके पर विशेष पूजा तो होती ही है, साथ ही चारों नवरात्रा में विशेष पूजा अर्चना होती है. खास बात यह है कि यहां माता ज्वालामुखी से अखंड ज्योति यहां लाया गया है, जिसकी वजह से सालों भर यहां अखंड ज्योति जलती रहती है.

    नेपाल, बंगाल, बिहार के अन्य क्षेत्रों समेत दूर-दूर से आते हैं श्रद्धालु 

    वहीं मंदिर में पूजा करने आए श्रद्धालु ने कहा कि यहां नेपाल, बंगाल, बिहार के अन्य क्षेत्रों समेत दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं. जहां सबकी मनोकामनाएं भी पूरी होती है. यहां के वैष्णो देवी गुफा और माता का पिंड काफी खास है. यहां तंत्र मंत्र से लोगों का इलाज भी होता है.


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